Strawberry : जम्म-कश्मीर में तैयार हुई फसल, जानिए बाजार से किसानों की उम्मीदें
जम्मू कश्मीर में स्ट्रॉबेरी (strawberry) की खेती करने वाले किसानों की फसल तैयार हो चुकी है। स्ट्रॉबेरी की तुड़ाई (harvesting) जोर-शोर से शुरू हो गई है। जानिए, इस साल स्ट्रॉबेरी की फसल से किसानों को कैसी उम्मीदें हैं।
श्रीनगर, 08 जून : जम्मू कश्मीर में इस साल मौसमी चुनौतियों के बावजूद स्ट्रॉबेरी की फसल अच्छी मात्रा में हुई है। श्रीनगर शहर के बाहरी इलाके हजरतबल तहसील में किसानों ने स्ट्रॉबेरी की फसल तैयार होने के बाद इनकी कटाई / तुड़ाई (harvesting) शुरू कर दी है। एएनआई की रिपोर्ट में गसु बटपोरा गांव के किसानों को स्ट्रॉबेरी की कटाई में व्यस्त देखा गया। इसके अलावा किसानों ने कहा कि इस बार बाजार से भी उन्हें अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि खराब मौसम के कारण आम तौर से अप्रैल-मई में होने वाली स्ट्रॉबेरी की तुड़ाई जून तक खिसकानी पड़ी, लेकिन फसल संतोषजनक हुई है। पढ़िए रिपोर्ट

स्ट्रॉबेरी विलेज में उत्पादन अच्छा
दरअसल, इस साल जम्मू कश्मीर में गर्म मौसम और देर से बारिश के बावजूद, स्ट्रॉबेरी उत्पादन काफी संतोषजनक रहा है। मौसम की मार पड़ने के कारण स्ट्रॉबेरी किसानों को मई के बदले मध्य अप्रैल में ही स्ट्रॉबेरी की तुड़ाई शुरू करनी पड़ी। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक समय से पहले तुड़ाई के बाद भी स्ट्रॉबेरी की फसल संतोषजनक हुई है। किसानों ने राहत की सांस ली है। बता दें कि स्ट्रॉबेरी उगाने वाले लोगों की संख्या सबसे अधिक होने के कारण, गसु बटपोरा को 'स्ट्रॉबेरी विलेज' भी कहा जाता है।

स्ट्रॉबेरी के अच्छे दाम मिल रहे हैं
गसु बटपोरा में किसान हर साल सैकड़ों एकड़ जमीन पर हजारों टन स्ट्रॉबेरी की खेती करते हैं। गसु बटपोरा कश्मीर घाटी में स्ट्रॉबेरी का उत्पादन करने वाला पहला गांव भी है। इस गांव में स्ट्रॉबेरी के कारोबार में महिलाओं के साथ-साथ बच्चे भी शामिल हैं। इस साल, बड़ी संख्या में पर्यटक कश्मीर घूमने आ रहे हैं, इसलिए किसानों को अच्छे रिटर्न की उम्मीद है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक स्ट्रॉबेरी उत्पादक मंजूर अहमद ने कहा, पिछले साल स्ट्रॉबेरी की तुड़ाई 5 मई के आसपास शुरू हुई थी, लेकिन इस साल गर्मी जल्दी शुरू हुई। ऐसे में 18 अप्रैल को फसल तैयार होनी शुरू हो गई। स्ट्रॉबेरी की क्वालिटी अच्छी है और हमें अच्छे रेट भी मिल रहे हैं।

पर्यटकों के आने से बढ़ी स्ट्रॉबेरी की डिमांड

स्ट्रॉबेरी की तुड़ाई तीसरी बार
स्ट्रॉबेरी फार्मिंग के संबंध में शालीमार क्षेत्र के हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर ने बताया, स्ट्रॉबेरी पहली फसल है जिसकी तुड़ाई (harvest) पिछले एक महीने से चल रही है। इसके फलों की कई बार में तुड़ाई की जाती है। जून में तीसरी तुड़ाई चल रही है। इस साल गर्मी की शुरुआत जल्दी हुई इसलिए स्ट्रॉबेरी की तुड़ाई भी पहले शुरू हो गई।

दुनियाभर में मशहूर हैं कश्मीरी स्ट्रॉबेरी और दूसरे फल
स्ट्रॉबेरी की जल्दी तुड़ाई के फायदे बताते हुए बागवानी अधिकारी ने बताया कि स्ट्रॉबेरी की शुरुआती फसल के कारण बाजार में अभी गसु बटपोरा के स्ट्रॉबेरी ही बिक रहे हैं। मार्केट में डिमांड अच्छी है ऐसे में स्ट्रॉबेरी का रेट अच्छा मिल रहा है। ओलावृष्टि और खराब मौसम के कारण कुछ क्षेत्रों की फसल को नुकसान हुआ है। लेकिन बाकी स्ट्रॉबेरी अच्छी कीमत पर बिक रही हैं।
कश्मीर के दूसरे फलों की डिमांड
गौरतलब है कि स्ट्रॉबेरी के अलावा, जम्मू-कश्मीर के सेब, चेरी, अंगूर, खुबानी और बेर जैसे फल भी अपनी गुणवत्ता और समृद्ध स्वाद के लिए दुनिया भर में बहुत लोकप्रिय हैं। फल की खेती कर रहे किसान अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।












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