बढ़ेगी महंगाई जब दाल-चावल पर पड़ेगा हुदहुद का असर
बेंगलूरू। भयंकर तेज रफ्तार से हुदहुद तूफान देश के किसानों के लिए दुखदाई घड़ी लेकर आया है। हजारों किसानों की नींद अपने खेत के बर्बाद होने के डर से उड़ चुकी हैं और माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। किसानों की इस चिंता का असर देश के कृषि उत्पादन पर पड़ेगा। आशंका है कि आने वाले साल में दाल-चावल के भी दाम आसमान छू सकते हैं।

दरअसल, ऐसे ही हुदहुद तूफान आगे बढ़ता रहा तो लाखोंं हेक्टेयर में फैली फसल उजड़ जाएगी। इसकी पूरी आशंकाएं हैं कि खेत में कटने के लिए खड़ी और तैयार हो रही धान, गन्ना और मूंगफली की फसल नष्ट हो सकती है।
हुदहुद से भयंकर फसल तबाही मची तो देश के खाद्य भंडार पर भी असर पड़ने वाला है। क्योंकि एक अनुमान के मुताबिक खरीफ सीजन में होने वाली कुल फसल बुवाई 56 फीसदी में से 38 फीसदी क्षेत्र में धान की बुवाई की जाती है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के ग्रामीण क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे इस हुदहुद तूफान करीब पांच लाख हेक्टेयर फसल खराब हो जाएगी। जिसका असर राष्ट्रीय उत्पादन पर पड़ना तय माना जा रहा है। हालांकि अभी तक पुख्ता तौर पर सरकार ने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि अभी कितनी फसल का नुकसान हुदहुद से हो सकता है।
जबकि पिछले वर्ष आए पायलीन तूफान के आधार पर अनुमान है कि पांच लाख हैक्टेयर क्षेत्र में फैली फसल को नुकसान हो सकता है। यह उत्पादन का काफी बड़ा भाग होगा।
यह कहने की जररूत नहीं है कि आंध्र प्रदेश और ओडिशा भी उन राज्यों में शुमार हैं जहां पर किसानों की हालत गरीबी और फसल नुकसान के चलते लगातार खराब हो रही है।












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