गुजरात में बिक रहे नकली कीटनाशक, टेस्ट में 259 सैंपल फेल, किसानों की फसलें हो रहीं बरबाद

गांधीनगर। गुजरात में किसान नकली बीज मिलने से चिंतित थे, अब वे नकली कीटनाशक की वजह से और परेशानी में जी रहे हैं। किसानों की शिकायत पर राज्य के कृषि विभाग ने कीटनाशकों के सैंपल लिए तो 259 ऐसे कीटनाशक मिले जो नकली थे, यानी खराब तरह की दवाएं थीं। इनसे न सिर्फ फसलों को नुकसान हो रहा था बल्कि मिट्टी भी जहरीली हो रही थी। हैरानी की बात यह भी है कि नकली होने के बावजूद इन नकली कीटनाशक दवाओं को ऊंचे दामों पर किसानों को मुहैया कराया जा रहा था। किसान अपनी फसलों को कीड़ों से बचाने के लिए दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं, इससे अनजान रहे कि वे दवाएं नकली हैं।

कीटनाशक से कीट नहीं मर रहे, मर रही हैं फसलें

कीटनाशक से कीट नहीं मर रहे, मर रही हैं फसलें

एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिलावट ज्यादा होने की वजह से कीटों का इन दवाओं की वजह से नाश नहीं हो पा रहा है। मालूम हो कि बीते दिनों गुजरात में टिट्डी दल के खात्मे के लिए सरकार ने कीटनाशकों के साथ टीमें भेजी थीं। टीमों का दावा है कि उन्होंने टि​ट्डियां नष्ट कर दी हैं। वहीं, दूसरी ओर फसलों में किसानों को ​टिट्डी जैसे अन्य जीवों से खतरा रहा है। ऐसे में वे जब बाजार से कीटनाशक खरीदकर लाते हैं तो उन्हें जहर जैसी नकली दवा ही मिल रही है।

व्यापारी बेच रहे हैं किसानों को अमानक और नकली दवाएं

व्यापारी बेच रहे हैं किसानों को अमानक और नकली दवाएं

शिकायत मिल रही हैं कि राज्यभर में मानक दवाओं के लेबल में निर्माताओं और व्यापारियों द्वारा नकली कीटनाशक बेचे जा रहे हैं। राज्य के कृषि विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न जिलों में कीटनाशकों के नमूने लिए हैं, जिनमें से अधिकांश नकली और गैर-प्रभावी साबित हुए हैं।

कंपनियां और डीलर भ्रमित करने वाली दवाओं का मिश्रण कर रहे

कंपनियां और डीलर भ्रमित करने वाली दवाओं का मिश्रण कर रहे

किसान राज्य में फसलों को कीड़ों से बचाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव कर रहे हैं। महंगे दाम पर खरीदी गई ब्रांडेड दवाओं में नकली और फर्जी दवाएं मिल रही हैं। किसानों को दवाइयां बेचने वाली कंपनियां और डीलर भ्रमित करने वाली दवाओं का मिश्रण कर रहे हैं, जो कीटों से कम प्रभावित हैं लेकिन किसानों पर अधिक प्रभावित होती हैं।

इन दवाओं के कारण फसल हो रहीं बरबाद

इन दवाओं के कारण फसल हो रहीं बरबाद

राज्य में पिछले दो वर्षों में लिए गए कीटनाशकों के 259 नमूने फेल साबित हुए हैं। इसका मतलब यह है कि इन दवाओं को नकली साबित किया गया है, लेकिन किसानों को उंचे दाम देने पडते हैं। इस दवा का कीटों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। हालांकि, दवाओं के कारण किसानों की फसल बरबाद हो जा रही है।

किस जिले में कितने सैंपल फेल रहे

किस जिले में कितने सैंपल फेल रहे

गुजरात में सबसे ज्यादा नकली दवाइयां राजकोट जिले में पाई गईं। इस जिले में 23 दवाओं के नमूने लिए गए थे, जो सभी फेल हुए हैं। गिर सोमनाथ जिले में 18 नमूनों फेल हुए हैं। अरवली और पंचमहल में 16 समान नमूने फेल मिले। गांधीनगर में 15, साबरकांठा में 15, नवसारी में 12, कच्छ और मेहसाणा में 11 नमूने फेल पाये गये हैं।
इसके अलावा अहमदाबाद और नर्मदा में 10, वडोदरा और भावनगर में 9 और पोरबंदर-बोटाड में 8 नमने फेल हुए हैं।

'सरकार की ओऱ से कड़े कदम उठाने पडेंगे'

'सरकार की ओऱ से कड़े कदम उठाने पडेंगे'

इस तरह गुजरात के कुल 33 जिलों में कीटनाशकों के नमूने लिये गये थे जिस में 259 नमूने फेल हुए हैं। सरकार के कृषि विभाग ने कीटनाशकों के उत्पादकों औऱ व्यापारियों को चेतावनी दी है कि, अगर नकली कीटनाशकों का व्यापार होता है तो सरकार की ओऱ से कड़े कदम उठाने पडेंगे।'

लगा रहे किसान सरकार से गुहार

लगा रहे किसान सरकार से गुहार

राज्य के किसान प्रतिनिधि सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि उनको व्यापारियों द्वारा नकली बीज औऱ नकली फर्टीलाइजर तो मिलता है, लेकिन अब बाजार में नकली कीटनाशक दवाओं का उपद्रव भी बढ रहा है, इसलिये सरकार के कृषि विभाग ने कई कड़े कदम उठाने पडेंगे।

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