Photography Day: 1839 में खींची गई थी दुनिया की पहली सेल्फी, जानें क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड फोटोग्राफी डे
Photography Day: 1839 में खींची गई थी दुनिया की पहली सेल्फी, जानें क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड फोटोग्राफी डे
नई दिल्ली, 19 अगस्त: दुनियाभर के फोटोग्राफर और फोटो खींचने के शौकीन के लिए आज बहुत बड़ा दिन है। आज वर्ल्ड फोटोग्राफी डे है और विश्वभर में विश्व फोटोग्राफी दिवस मनाया जा रहा है। ये दिन दुनियाभर के फोटोग्राफर्स को अच्छी और समाज का आईना दिखाने वाली तस्वीरों को खींचने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मनाई जाती है। इस दिन दुनियाभर के फोटोग्राफर अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। यह एक सालाना वैश्विक सेलिब्रेशन है। जिसमें फोटोग्राफी के इतिहास, इसकी कला, शिल्प और विज्ञान का प्रदर्शन किया जाता है।
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विश्व फोटोग्राफी दिवस का इतिहास
'वर्ल्ड फोटोग्राफी डे' सबसे पहले साल 2010 में मनाया गया था। फोटोग्राफी दिवस की कहानी बहुत पुरानी है। 9 जनवरी 1839 में फ्रांस के जोसेफ नाइसफोर और लुइस डॉगेर ने फोटोग्राफी की एक तकनीक डॉगोरोटाइप प्रक्रिया का विकास किया था। इसे दुनिया की पहली फोटोग्राफी प्रक्रिया माना जाता है। वहीं 19 अगस्त 1839 को फ्रांस की सरकार ने अधिकारिक रूप से इस बात की घोषणा की थी। इसी दिन की याद में वर्ल्ड फोटोग्राफी डे मनाया जाता है। विश्व फोटोग्राफी दिवस की शुरुआत साल 2010 में वैश्विक फोटो गैलरी की शुरुआत की गई थी।
1839 में ली गई थी दुनिया की पहली सेल्फी
दुनिया में पहली बार सेल्फी 1839 में ली गई थी। अमेरिका के फोटो लवर रॉबर्ट कॉर्नेलियस ने दुनिया की पहली सेल्फी ली थी। रॉबर्ट कॉर्नेलियस ने 1839 में पहली सेल्फी खींची थी। ये बात अलग है कि रॉबर्ट कॉर्नेलियस को तस्वीर खींचते वक्त इस बात का बिल्कुल भी आभास नहीं था कि आने वाले वक्त में ये फोटो भविष्य में सेल्फी के रूप में देखा जाएगा। रॉबर्ट कॉर्नेलियस द्वारा खींची गई ये तस्वीर आज भी यूनाइटेड स्टेट लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस प्रिंट में मौजूद है।












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