अमेठी: किसानों को आतंकवादी कहने पर महिलाओं ने फूंका कंगना रनौत का पुतला, राष्ट्रपति के नाम दिया ज्ञापन
अमेठी। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने शनिवार को चक्का जाम कर विरोध जताया। उत्तर प्रदेश के अमेठी में महिला किसान ने लाठियां लेकर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। किसान नेता रीता सिंह की अगुवाई में महिलाओं ने गौरीगंज में किसानों को आतंकवादी बताने वाली एक्ट्रेस कंगना रनौत का पुतला भी फूंका। किसान नेता रीता ने कंगना रनौत की टिप्पणियों पर आक्रोश जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला बोला। कहा कि प्रधानमंत्री नचनिया से किसानों का उपहास उड़वा रहे हैं।

किसान नेता रीता सिंह के नेतृत्व में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा है। मीडिया से बात करते हुए रीता सिंह ने कहा कि सरकार रणनीति बनाकर किसानों को प्रताड़ित करने का काम कर रही है। एक्ट्रेस कंगना रनौत के पुतला फूंकने की बात करते हुए रीता सिंह नेक हा कि भाजपा सरकार में सारे नचनिया आकर हाइलाइट होकर किसानों के मुद्दे को उठा रहे हैं। किसानों को कंगना रनौत आतंकवादी कह रही हैं जो अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि कंगना नाच-गाना कर अपना पेट पालें, परिवार चलाएं।
अमेठी सांसद स्मृति ईरानी पर हमला बोलते हुए किसान नेता रीता सिंह ने कहा वो पहले सीरियल में काम करती थी, अब उनको भाजपा ने गद्दी दे दी है। किसी किसान को सांसद बनाने का काम भाजपा ने नहीं किया। नचनिया और सीरियल में काम करने वालों को भाजपा पार्टी में भर रही है। ये लोग किसानों को आतंकवादी कहना छोड़ दें।
रीता सिंह ने कहा कि हमलोग कंगना को चेतावनी देते हैं कि अगर वह किसानों को आतंकवादी कहेगी, उसकी जुबान बंद नहीं होगी तो उसके पुतले जलाते रहेंगे और आंदोलन छेड़ देंगे। कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसानों की बात प्रधानमंत्री को समझ में नहीं आ रही है, उनको कुछ समाधान निकालना चाहिए। अगर किसान अनाज पैदा नहीं करेगा तो क्या लोग सोना, लोहा, हीरा खाएंगे।












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