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Utpanna Ekadashi 2022: एकादशी में क्यों नहीं खाते हैं चावल?

आज मार्गशीर्ष मास की एकादशी है, जिसे कि उत्पत्ति या उत्पन्ना एकादशी कहा जाता है।
Ankur Sharma
आज के दिन भगवान विष्णु के साथ भगवान श्रीकृष्ण की भी पूजा की जाती है।
माना जाता है कि विष्णु और श्रीकृष्ण दोनों की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
बहुत सारे लोग एकादशी का व्रत रखते हैं, जिससे उन्हें धन-वैभव की प्राप्ति होती है।
शास्त्रों के मुताबिक आज के दिन चावल से बनी कोई भी चीज नहीं खानी चाहिए।
पौराणिक कथाओं में चावल को जीव माना जाता है इसलिए एकादशी में इसका प्रयोग नहीं होता है।
दरअसल कहानी यह है कि माता शक्ति के क्रोध से बचने के लिए महर्षि मेधा ने अपनी शरीर त्याग दिया था।
महर्षि मेधा चावल और जौ से पैदा हुए थे और जिस दिन उन्होंने शरीर त्यागा था वो दिन एकादशी का था।
इसलिए एकादशी के दिन चावल और जौ का सेवन नहीं किया जाता है।
एकादशी की पूजा करने से इंसान को सारे सुख मिलते हैं और तरक्की प्राप्त होती है।
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