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Nalanda Tourism: कम खर्च में उठाएं विदेशी नज़ारे का लुत्फ

भारत में मगध के प्राचीन राज्य में शिक्षा के मशहूर केंद्र तौर प्राचीन महाविहार बौद्ध मठ में नालंदा को शुमार किया जाता था।
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पुरातात्विक विभाग द्वारा की गई खुदाई के दौरान मिली बौद्ध एवं हिन्दू कांसे की वस्तुएं आज भी सुरक्षित रखा गया है।
नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया का सबसे पुराना विश्वविद्यालय है। गुप्त बंश के शासक कुमार गुप्त ने 450 इस्वी में इसकी स्थापना की थी।
भारत में दुनिया का पहला आवासीय विश्वविद्यालय नांलदा में खुला था। यहां ज्यादातर विदेशी क्षात्र पढ़ने आते थे।
नालंदा विश्वविद्यालय की दीवारों के अवशेष आज भी इतनी चौड़ी हैं कि इनके ऊपर ट्रक भी चलाया जा सकता है।
राजगीर में 400 मीटर ऊंची रत्नागिरी पहाड़ी पर विश्व शांति स्तूप स्थित है। यह स्तूप संगमरमर के पत्थरों से निर्मित है।
राजगीर के ब्रह्मकुंड से शांति स्तूप जाने वाले मार्ग में मणियार मठ एक बेलनाकार व कुएं जैसी आकृति वाला मंदिर है।
पाली ग्रंथों में मणिमाला चैत्य और महाभारत में मणिनाग मंदिर के तौर पर इसका ज़िक्र है। गर्भगृह तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां उतरकर नीचे जाना पड़ता है।
राजगीर में स्थित सोन भंडार के बारे में कहा जाता है कि यहां सैकड़ों साल से सोने का खजाना छुपा है।
राजगीर में स्थित सोन भंडार के बारे में कहा जाता है कि यहां सैकड़ों साल से सोने का खजाना छुपा है।
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