MP अब भेड़िया स्टेट, देश में सबसे ज्यादा भेड़िए यहीं पर हैं
देश में टाइगर एस्टेट, चीता स्टेट के साथ-साथ मप्र को भेड़िया स्टेट का भी तमगा मिला है। इंडिया के किसी भी राज्य की अपेक्षा सबसे ज्यादा भेड़िए एमपी में ही मौजूद हैं।
Chaitanyadas Soni
देश में सबसे ज्यादा भेड़िया प्रजाति के मांसाहारी जानवर की संख्या मप्र में पाई गई है। इसमें मप्र में 772, राजस्थान में 532, गुजरात में 494, महाराष्ट्र 396, छत्तीसगढ़ 320 भेड़ियों की मौजूदगी पाई गई है। आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ेगी यह भी तय है।
मध्य प्रदेश के वन विभाग ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडिल अपने ट्वीटर पोस्ट में वन विभाग ने मध्य प्रदेश को ‘वुल्फ स्टेट’ लिखकर यह जानकारी साझा की थी।
मध्य प्रदेश में देश के सबसे ज्यादा टाइगर, सबसे ज्यादा लेपर्ड; तेंदुए, सबसे ज्यादा घड़ियाल और सबसे ज्यादा वल्चर;गिद्द, भेड़िए और बीते महीने से नामिबाई चीजे भी आने के बाद इन सब प्रजाति की मौजूदगी में नंबर-1 है।
नौरादेही वन्यप्राणी अभयारण्य मप्र में पहला भेड़िया अभयारण्य माना जाता है। 1970 के दशक में भेड़ियों को संरक्षित करने के लिए इसकी स्थापना हुई थी। सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिले तक फैले नौरादेही का प्रतीक चिन्ह भी भेड़िया का चेहरा ही रहा है।
भेड़ियों के बारे में वन्य प्राणियों का मानना है कि यह एक सामाजिक प्राणी है, अर्थात यह झुंड या समूह में रहते हैं। भेड़िए 8 से 12 के समूह में साथ रहते हैं और साथ ही शिकार करते हैं।
कहा जाता है कि पालतू कुत्तों की उत्पत्ति भेड़ियों से ही हुई है। सदियों पहले इंसानों से भेड़ियों को पालना शुरु कर दिया था। हालांकि कुत्ते और भेड़ियों में काफी अंतर होता है, कुत्ते की दुम टेड़ी होती है, जबकी भेड़िए की दुम सीधी होती है।
भेड़ियों के बारे में कहा जाता है, उनकी सूंघने की क्षमता बहुत तेज होती है। वे दो किलोमीटर दूर तक गंद महसूस कर सकते हैं। यदि कोई उनके बच्चे को उठा लाए तो भेड़ियों का समूह उस इलाके पर हमला कर सकता है।
भेड़िया पहाड़ी इलाके और घास के मैदानी इलाकों में रहते हैं। घने जंगलों के अंदर भी ये खुले इलाके तलाशकर पहाड़ी, सूखी गुफाओं, ऊंचाई वाले इलाकों को अपना ठिकाना बनाते हैं। जंगली इलाकों से लगे गांवों के आसपास इनको देखा जा सकता है।
मप्र को भेड़िया स्टेट का दर्जा मिलने के पीछे सबसे सकारात्मक पहलू यहां जंगलों की भरपूरता, वन्य जैव विविधता, अभयारण्यों व वनांें के अंदर और बाहर प्राकृतिक घास के मैदान हैं, जहां भेड़िया प्रजाति सहित अन्य जानवर बेहतर तरीके से वंश वृद्वि कर पा रहे हैं।