Tap to Read ➤

सर्दियों में लें मक्के की रोटी के साथ चने के साग का मजा

सर्दियों में अक्सर ही बाजार में चने की भाजी उपलब्ध होती है। चने की भाजी का साग बहुत ही स्वादिष्ट बनता है। इसका स्वाद सरसों के साग से काफी अलग होता है , हालांकि इसे बनाने का तरीका कुछ कुछ सरसों के साग के जैसा ही है।
Rakesh kumar patel
फरवरी,मार्च,अप्रैल, मई और जून के महीने तक चने की भाजी को खाने में स्वाद आता है। लेकिन आषाढ़ यानी जुलाई और उसके बाद के महीनों में चने की भाजी को खाने में ज़्यादा मज़ा नहीं आता। गर्मियों में चने की भाजी को खाने से शरीर ठंडा रहता है क्योंकि चने की भाजी ठंडी होती है।
औषधि का काम करती है चने की भाजी ।लोगों का कहना है कि जब कभी गर्मियों में उन्हें लू लग जाती है तो उस समय वह चने की भाजी का इस्तेमाल दवाई के रूप में करते हैं। पहले तो चने की भाजी को रात भर पानी मे फुला कर रखा जाता है। फिर उसे व्यक्ति के शरीर पर मलहम की तरह लगाया जाता है।
एक ही घण्टे में लपट पूरी तरह खत्म हो जाती है और व्यक्ति को आराम मिल जाता है। लोगों का कहना है कि इससे उनका डॉक्टर के पास जाने और दवाई का भी खर्च बच जाता है।
सामग्री - चने की भाजी - 250 ग्राम मक्का या बाजरे का आटा - 2 टेबल स्पून हरी मिर्च - 2-3 अदरक - 1 इंच लम्बा टुकड़ा (1 छोटी चम्मच पेस्ट) टमाटर - 2 तेल या घी - 1 टेबल स्पून हींग - 1-2 पिंच जीरा - आधा छोटी चम्मच नमक - स्वादानुसार ( 3/4 छोटी चम्मच) लाल मिर्च -1/4 छोटी चम्मच
विधि - चने की भाजी को साफ कीजिए, बड़ी डंडियों को हटा दीजिए, मुलायम पत्तों को सब्जी के लिए तोड़ कर अलग कर लीजिए। पत्त्तों को साफ पानी से २ बार धो कर थाली में रखिए और थाली को तिरछा रख कर अतिरिक्त पानी निकाल दीजिए। इन पत्तों को अब बारीक कतर लीजिए।
किसी छोटी कढ़ाई में घी या तेल डालकर गरम कीजिए, गरम घी में हींग जीरा डालकर तड़का लगाईए, हरी मिर्च, अदरक और टमाटर डालकर मसाले को भूनिए अब टमाटर के नरम होने तक पकाइए और इस मसाले को पकी हुई भाजी में मिला दीजिए। सब्जी में गरम मसाला डालकर मिलाइए। चने की भाजी बन कर तैयार हो गई है,
यह भी देखें