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Budget 2023: भारत की बजट परंपरा से जुड़ी 10 अहम बातें

1 फरवरी को वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट 2023 को पेश करेंगी।
Ankur Sharma
बजट प्रक्रिया में शामिल लोग बजट बनाने से लेकर पेश होने तक किसी से भी नहीं मिलते हैं।
हलवा सेरेमनी के बाद Budget Printing की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है।
भारत में पहला बजट 7 अप्रैल 1860 में ईस्ट इंडिया कंपनी के स्कॉटिश अर्थशास्त्री जेम्स विल्सन ने पेश किया था।
आजाद भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को तत्कालीन वित्त मंत्री आर के षणमुखम चेट्टी ने पेश किया था।
भारत में 1999 तक आम बजट फरवरी के लास्ट वर्किंग डे पर शाम 5 बजे पेश किया जाता था।
साल 2017 से 1 फरवरी को आम बजट पेश किया जाने लगा और तब से ये परंपरा बन गई।
भारत में 1955 तक केंद्रीय बजट सिर्फ अंग्रेजी में पेश किया जाता था लेकिन इसके बाद बजट पत्र हिंदी-अंग्रेजी दोनों में छपने लगा।
2017 से पहले रेल बजट और केंद्रीय बजट अलग-अलग पेश किए जाते थे लेकिन इसके बाद दोनों बजट साथ पेश होने लगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019 में अपने पहले बजट में ब्रीफकेस की जगह 'बही खाता' का प्रयोग किया था।
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