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Apple Farming In Bihar: सेब की खेती है किसानों के लिए अच्छा विकल्प

सेब की खेती से ज़्यादातर ठंडे प्रदेशों में होती है, इससे किसान अपनी आर्थिक स्थिति काफ़ी हद तक सुधार सकते हैं।
inzamam
सेब की कई क़िस्में विकसित हो गई हैं, इसलिए अब सेब की खेती गर्म प्रदेशों में भी की जा सकती है।
बिहार के बेगूसराय ज़िले के रहने वाले किसान अमित कुमार ने सेब की खेती का अनोखा प्रयोग किया है।
बीएससी (एग्रीकल्चर) की पढ़ाई करने वाले किसान ने अपने ही ज़िले में सेब की खेती की पहल शुरू की है।
अमित कुमार ने खेतों मे सेब के ऐसे पौधे लगाए थे जिन्हें 40 से 45 डिग्री तापमान पर उगाया जा रहा है।
हरमन-99 के नाम से सेब की एक खास किस्म तैयार की गई है, जिसकी खेती गर्म प्रदेशों में की जा सकती है।
हरमन-99 का प्रयोग राजस्थान में कामयाब रहा, इस वजह से उन्होंने बिहार में भी प्रयोग को दोहराते हुए कामयाबी हासिल की।
अमित कुमार के मुताबिक हरमन-99 वेरायटी पथरीली मिट्टी, दोमट या लाल मिट्टी किसी भी तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है।
बेगूसराय भी सेब की इस वेरायटी की खेती के लिए उपयुक्त है। हरमन-99 वेरायटी को जलवायु के मुताबिक तैयार किया गया है।
औरंगाबाद ज़िले में भी हरमन-99 की खेती की जा रही है। वहां के किसानों की कमाई लाखों में हो रही है।
कृषि के जानकारों की मानें तो 1 एकड़ में सेब की खेती करने पर एक सीज़न में क़रीब 8 लाख रुपये तक का मुनाफ़ा हो सकता है।
दो बीघा ज़मीन में सेब की खेती करने पर एक साल में क़रीब 15 लाख रुपये मुनाफ़ा होने की उम्मीद है।
बेगूसराय में जो हरमन-99 की खेती की जा रही है उन सेबों का आकार, रंग और स्वाद हिमाचल और जम्मू में उगाए गए सेब की तरह है।
पौधे को लगाने से पहले गड्ढा खोद कर उसे रोगनाशक दवा से उपचारित करें, इसके साथ ही पौधे को कर्बेंडाजाइम में उपचारित करके लगाएं।
सेब की खेती में ज्यादा लागत नहीं आती है लेकिन समय पर सिंचाई की जरूरत होती है।
हरमन-99 वेरायटी के पौधे को नवंबर से फरवरी अंत तक लगाया जा सकता है।
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