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बिहार : गया ज़िले में हो रही काले आलू की खेती, अमेरिका से लाया गया बीज

दक्षिण अमेरिका के एंडिज पर्वतीय क्षेत्रों में ही आमतौर पर काले आलू की खेती होती है।
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प्रयोग के तौर पर काले आलू की खेती बिहार के गया जिलें में शुरू की गई है।
गया के किसान आशीष सिंह ने प्रयोग के तौर पर काले आलू की खेती  कर रहे हैं।
गया के गुलरियाचक गांव (टिकारी प्रखंड) में प्रयोग के तौर पर 14 किलो काले आलू की खेती की गई है।
अमेरिका से 1500 रुपए प्रति किलो के हिसाब से काले आलू का बीज मंगाया गया है।
आम आलू की तरह ही काले आलू की खेती होती है, तीन महीने में फसल तैयार हो जाती है।
काले आलू की उपरी सतह काली और अंदर का भाग गहरे बैंगनी रंग का होता है।
काले आलू में कई आयुर्वेदिक गुण पाए जातें हैं, जो कि सफेद आलू के मुकाबले में ज्यादे फायदेमंद है।
काले आलू में काफी मात्रा में एंथोसायनिन नामक पालीफेनोल एन्टीआक्सीडेंट पाए जाते हैं।
काले आलू के सेवन से हृदय रोग, कैंसर और मधुमेह जैसी बीमारियों में काफी फायदा होता है।
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