Bengal Result: Bhabanipur जीत रहे Suvendu Adhikari, 2 सीटों पर चुनाव लड़ रहे चुनाव, जीते तो क्या होगा
Suvendu Adhikari अगर 2 सीटों से जीते तो क्या होगा? समझिए पूरा गणित। क्या आप जानते हैं कि अगर कोई उम्मीदवार दो विधानसभा सीटों से चुनाव जीत जाता है, तो कानूनन उसे क्या कदम उठाना पड़ता है? पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) और ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के बीच की जंग अब एक बेहद दिलचस्प मोड़ पर आ गई है। सुवेंदु अधिकारी ने इस बार दो अलग-अलग विधानसभा सीटों से ताल ठोककर सबको चौंका दिया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सुवेंदु के लिए फायदे का सौदा है या घाटे का? और अगर जनता उन्हें दोनों ही सीटों पर जिता देती है, तो विधायक के तौर पर उनका भविष्य क्या होगा? भारत के 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम' (Representation of the People Act, 1951) की धारा 70 के अनुसार, एक व्यक्ति दो सीटों से चुनाव लड़ तो सकता है, लेकिन वह एक साथ दो निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। अगर सुवेंदु अधिकारी दोनों सीटें जीत जाते हैं, तो परिणाम घोषित होने के 14 दिनों के भीतर उन्हें लिखित में चुनाव आयोग को यह बताना होगा कि वह किस सीट को अपने पास रखना चाहते हैं और किस सीट से इस्तीफा देना चाहते हैं। अगर वह समय सीमा के भीतर फैसला नहीं लेते, तो उनकी दोनों सीटें खाली घोषित की जा सकती हैं। सुवेंदु का यह फैसला बीजेपी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है ताकि ममता बनर्जी के गढ़ में उन्हें कड़ी चुनौती दी जा सके और साथ ही अपनी जीत को सुनिश्चित किया जा सके। इस वीडियो में हम विस्तार से समझेंगे कि सुवेंदु अधिकारी के इस कदम के पीछे की सियासी वजह क्या है और निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया (Procedure) क्या कहती है।


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