Gen-z Vs Millennials: जेन-जी को लेकर आया हालिया सर्वे जान सिर पीट लेंगे, 100 साल में पहली बार हुआ है कुछ ऐसा!
Gen-z Vs Millennials: सोशल मीडिया पर अक्सर जेन-जी (Gen Z) पीढ़ी अपने अनोखे ट्रेंड्स, रिलेशनशिप कल्चर और अलग तरह की भाषा को लेकर चर्चा में रहती है। लेकिन हाल के दिनों में एक नया दावा तेजी से वायरल हो रहा है-कि जेन-जी अब तक की पहली ऐसी पीढ़ी है, जिसकी औसत बौद्धिक क्षमता पिछली पीढ़ियों, खासकर मिलेनियल्स से कम है।
आमतौर पर माना जाता है कि हर नई पीढ़ी तकनीक, शिक्षा और संसाधनों के कारण पिछली पीढ़ी से अधिक स्मार्ट होती है। लेकिन कुछ अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों और विशेषज्ञों की राय इससे अलग तस्वीर पेश कर रही है। न्यूरोसाइंटिस्ट डॉ. जेरेड कूनी होर्वाथ ने अमेरिकी सीनेट में दिए अपने बयान में कहा कि Gen-Z के IQ स्कोर और कॉग्निटिव क्षमताएं मिलेनियल्स और उनके माता-पिता की तुलना में कम दर्ज की जा रही हैं।

Gen-z Vs Millennials: मिलेनियल्स से कम बुद्धिमान हैं जेन-जी
- अध्ययन यह संकेत देते हैं कि मिलेनियल्स में पारंपरिक बुद्धिमत्ता जैसे लॉजिकल थिंकिंग, फोकस और मेमोरी अपेक्षाकृत बेहतर पाई गई है।
- हालांकि, यह भी सच है कि Gen-Z टेक्नोलॉजी, डिजिटल स्किल्स और मल्टी-टास्किंग में आगे है। जेन-जी की याददाश्त अपने माता-पिता और मिलेनियल्स की तुलना में कम मानी जा रही है।
Gen-Z Survey: बुद्धिमानी में कई वजहों से छूटे पीछे
विशेषज्ञों का मानना है कि जेन-जी के मिलेनियल्स की तुलना में पीछे छूटने की कई वजहें हैं। ऐसा 100 साल कि इतिहास में पहली बार हुआ है जब नई पीढ़ी का आईक्यू कम हुआ हो। जेन-जी की लॉजिकल थिंकिंग और कम बुद्धिमान होने के पीछे कई वजहें हैं:
- बहुत ज्यादा स्क्रीन टाइम (मोबाइल, टैबलेट, सोशल मीडिया) और इसकी तुलना में बहुत कम किताबें पढ़ने की आदत।
- तेज लेकिन सतही जानकारी जैसे शार्ट वीडियो और रील्स से मिली जानकारी और क्लासरूम में डिजिटल डिवाइस पर निर्भरता।
- आमने-सामने बातचीत और गहरे सोचने की कमी। जेन-जी के बीच मिलकर बात करने के बजाय घंटों स्नैपचैट और दूसरे माध्यमों से बातचीत करने की प्रवृत्ति ज्यादा है।












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