UCC पर गरमाई राजनीति, केसीआर और जगन मोहन रेड्डी पर टिकी देश की निगाहें
देश में इस समय यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर माहौल गर्माया हुआ है। जैसे-जैसे विधानसभा और लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने के भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र के प्रस्ताव पर तेलुगु भाषी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है।
इस बड़े मामले पर तेलुगु भाषी राज्यों के मुख्यमंत्री क्या रुख अपनाएंगे, यह राजनीतिक हलकों में दिलचस्पी का विषय बन गया है।

दैनिक पायनियर में आज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूसीसी पर निर्णय से आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की तुलना में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव पर अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि तेलंगाना में मुस्लिम समुदाय के बीच यह मुद्दा काफी संवेदनशीलता।
गौरतलब है कि भाजपा लोकसभा चुनाव से पहले यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। भोपाल में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हालिया भाषण इस एजेंडे पर पार्टी की योजना का संकेत देता है।
आंध्र प्रदेश के मुकाबले, तेलंगाना में मुस्लिम वोट बैंक महत्वपूर्ण प्रभाव रखता है। तेलंगाना में लगभग 25 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र मुस्लिम मतदाताओं पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं, जो क्षेत्र में राजनीतिक दलों की संभावनाओं पर काफी हद तक असर डाल सकते हैं।
अब तक, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने भारतीय राष्ट्र समिति (बीआरएस) के साथ एक दोस्ताना गठबंधन बनाए रखा है, जिसमें दोनों पार्टियां मुस्लिम समर्थन पर निर्भर हैं। हालांकि, हालिया घटनाक्रम एआईएमआईएम के रुख में संभावित बदलाव का संकेत देते हैं और ये संकेत सीधे तौर पर कांग्रेस के साथ जाने को लेकर है।












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