केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुंगावली के बाढ़ प्रभावित गांवों का सर्वे किया
अशोकनगर/मुंगावली. उफान पर आई नदियों की बाढ़ ने जिले की दो तहसीलों के 40 गांव में नुकसान पहुंचाया। जिनमें 961 मकान क्षतिग्रस्त हो गए और 6661 हेक्टेयर जमीन की फसल बर्बाद हो गई। साथ ही इससे तीन लोगों की व 13 पशुओं की मौत हो
अशोकनगर,29 अगस्त. उफान पर आई नदियों की बाढ़ ने जिले की दो तहसीलों के 40 गांव में नुकसान पहुंचाया। जिनमें 961 मकान क्षतिग्रस्त हो गए और 6661 हेक्टेयर जमीन की फसल बर्बाद हो गई। साथ ही इससे तीन लोगों की व 13 पशुओं की मौत हो गई। इसके अलावा बाढ़ ने जिले की चार पुल-पुलियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिय

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुंगावली के बाढ़ प्रभावित गांवों का सर्वे किया और अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ नुकसान की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में प्रभारी कलेक्टर डॉ.अनुज रोहतगी ने नुकसान की यह रिपोर्ट प्रस्तुत की। बाढ़ प्रभावित गांवों में मुंगावली तहसील के 37 व चंदेरी तहसील के तीन गांव शामिल हैं। साथ ही प्रभारी कलेक्टर ने बताया कि बाढ़ के दौरान 71 लोगों को रेस्क्यू कर बाढ़ क्षेत्रों से निकालने रेस्क्यू किया व सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और 27 लोगों को राहत शिविर में रखा गया था। वहीं यह भी बताया गया कि मुंगावली विधानसभा क्षेत्र के 9 गांवों में 153 लोगों को 7.50 लाख रुपए की राहत राशि का वितरण भी किया जा चुका है।
निर्देश: स्वच्छ जल उपलब्ध कराएं व स्वास्थ्य शिविर लगा करें इलाज-
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुंगावली में बाढ़ प्रभावितों से चर्चा करते हुए कहा अधिकारियों को निर्देश दिए कि 37 बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों को स्वच्छ पानी मिले और इसके लिए जल्दी से जल्दी ट्यूबवेल व हैंडपंप लगाएं, क्योंकि गंदा पानी पीने से बीमारियां फैलती हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य शिविर लगाकर गांवों में ग्रामीणों का निशुल्क इलाज भी किया जाए, ताकि बाढ़ प्रभावित गांवों में बीमारियां न फैल सकें। इस दौरान ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्नसिंह तोमर, जलसंसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, पीएचई राज्यमंत्री बृजेंद्रसिंह यादव, सांसद केपी यादव, विधायक जजपालसिंह जज्जी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम उपाध्यक्ष अजयप्रतापसिंह यादव, जिपं अध्यक्ष जगन्नाथसिंह रघुवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सुझाव: ग्रामीण चाहें तो बना सकते हैं विस्थापन का प्रस्ताव-
साथ ही केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने सुझाव दिया कि बार-बार व हर साल बाढ़ में घिरने वाले गांवों में प्रशासन चौपाल लगाए और यदि ग्रामीण एकमत हों तो उन्हेंं सुरक्षित जगह विस्थापन का प्रस्ताव बनाएं। ताकि गांव सुरक्षित जगह विस्थापित कर बाढ़ की समस्या खत्म की जा सके। हालांकि साथ में उन्होंने यह भी कहा कि यदि ग्रामीण एकमत न तो यह प्रस्ताव न बनाएं। वहीं अधिकारियों को जल्द से जल्द सर्वे करके नुकसान की रिपोर्ट भोपाल भेजने के निर्देश दिए।
यह भी बोले केंद्रीय मंत्री सिंधिया-
- सिंधिया बोले मुख्यमंत्रीजी को मंच से धन्यवाद देता हूं कि बाढ़ के समय वह 24 घंटे और सातों दिन लोगों की जान-माल को सुरक्षित करने की व्यवस्था में जुटे रहे और समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देश देते रहे।
- सिंधिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भोपाल से आने वाली राहत राशि को समय पर बाढ़ प्रभावितों को वितरित करने व सूची को गांव में चस्पा कर सार्वजनिक करें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
- बाढ़ से सड़कों, पुलिया, बिजली, ट्रांसफर, खंभा व हैंडपंपों का जो नुकसान हुआ है, उसकी भी समीक्षा कर मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
- केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चार भागों में कार्ययोजना तैयार करें और प्रत्येक भाग के कार्य भी बताएं, जिन पर कार्य करें, ताकि गांव व अधोसंरचना का एक साथ काम हो सके।












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