केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले-'वर्ष 2025 तक सरकार ने 220 नए एयरपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य
नई दिल्ली, 24 मार्च। केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को संसद को बताया कि वर्ष 2025 तक सरकार ने 220 नए एयरपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी जैसी चुनौतियों के बावजूद देश में दो विमानन कंपनियां मैदान में आने को तैयार हैं। इनमें अभी बंद पड़ी विमानन कंपनी जेट एयरवेज और लांचिंग को तैयार आकासा शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने एयर इंडिया की दुर्दशा के लिए यूपीए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

अनुदान मांग पर चर्चा के दौरान सिंधिया ने संसद को बताया कि देश के सात एयरपोर्ट पर आधार बायोमीट्रिक के जरिए चेक-इन सेवा शुरू की जाएगी, जिससे चेक-इन में आधे घंटे की बचत हो सकेगी। दिल्ली, बेंगलुरू, कोलकाता और हैदराबाद के अलावा यह सेवा पुणे, विजयवाड़ा और वाराणसी में शुरू की जाएगी।
सिंधिया के अनुसार बीते सात दिनों में रोजाना 3.82 लाख लोगों ने हवाई यात्रा की है। वर्ष 2023-24 तक सालाना 40 करोड़ लोगों के हवाई यात्रा करने की उम्मीद है। अगले दो-तीन वर्षों में विमानन क्षेत्र में करीब एक लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। लुधियाना के पश्चिम में स्थित हलवारा में बन रहा एयरपोर्ट अगले वर्ष मार्च तक तैयार हो जाएगा।
छह एयरपोर्ट के विनिवेश के आरोप पर सिंधिया ने कहा कि हम एयरपोर्ट को नहीं बेच रहे हैं। इन एयरपोर्ट को सिर्फ लीज पर दिया गया है। इन छह एयरपोर्ट को लीज पर दिए जाने से सालाना 550 करोड़ रुपये का राजस्व मिल रहा है।
एयर इंडिया की दुर्दशा के लिए यूपीए सरकार जिम्मेदार
सिंधिया ने एयर इंडिया की बिक्री और आर्थिक रूप से खराब हालात के लिए पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की नीति को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले एयर इंडिया सालाना 15 करोड़ और इंडियन एयरलाइंस 50 करोड़ रुपये के लाभ में थी। लेकिन इन दोनों के विलय और 111 नए विमान खरीदने के फैसले से एयर इंडिया की इतनी बुरी स्थिति हो गई। बीते 14 वर्षों में हालात इतने खराब हो गए कि एयर इंडिया पर 85,000 करोड़ रुपए का कर्ज हो गया।












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