छत्तीसगढ़ में इस बार नौनिहालों की पढ़ाई पर ज्यादा जोर, खेल-खेल में सिखेंगे पढ़ना लिखना
रायपुर। नौनिहाल प्री स्कूल या बालवाड़ी से कक्षा पहली में जाएंगे, तो वह पढ़ाई-लिखाई करने की स्थिति में होनी चाहिए। ऐसी स्थिति में बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा के माध्यम से औपचारिक शिक्षा से जोड़ा जाना जरूरी है। कोरोना काल में एनुअल स्टेट्स आफ एजुकेशनल रिपोर्ट (असर) 2021 की रिपोर्ट कह रही है कि बच्चों की हालत पढ़ाई में नाजुक रही है।

ऐसे में अब प्रदेश में साढ़े छह हजार से अधिक बालवाड़ी प्रारंभ की जाएगी। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के अतिरिक्त संचालक डा. योगेश शिवहरे के मुताबिक बच्चों की पढ़ाई को बेहतर करने के लिए रेडीनेस प्रोग्राम चलाया जाएगा। इसके तहत प्री स्कूल और पहली-दूसरी कक्षाओं के बच्चों को नवाचारी तरीके से पढ़ाया जाएगा।
अक्टूबर-नवंबर 2021 में कराए गए सर्वे के अनुसार 28 जिलों से 1677 गांव का चयन करके 33,432 घरों में साक्षात्कार करके रिपोर्ट दी गई है।
असर 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक स्कूलों में बच्चों के अध्ययन का स्तर (प्रतिशत में)
आयु सरकारी निजी अन्य शाला त्यागी कुल
6-14 82.9 15.3 0.1 1.8 100
7-16 81.8 14.5 0.1 3.6 100
7-10 82.4 16.5 0.1 1.1 100
11-14 83.4 13.9 0.0 2.7 100
15-16 77.3 11.3 0.0 11.5 100
बच्चों के पढ़ने का ज्ञान स्तर (प्रतिशत में)
कक्षा अक्षर नहीं अक्षर शब्द कक्षा एक का पाठ कक्षा दो का पाठ कुल
I-II 54.3 37.1 5.4 1.5 1.8 100
III-V 15.1 29.5 17.1 12.9 25.4 100
VI-VIII 3.9 9.5 9.7 13.1 63.9 100
बच्चों के गणित का ज्ञान स्तर (प्रतिशत में)
कक्षा अंक पहचान नहीं एक से नौ तक 11 से 99 तक घटाव भाग कुल
I-II 42.8 47.1 8.6 1.2 0.4 100
III-V 8.7 38.9 31.3 16.0 5.1 100
VI-VIII 2.2 14.1 34.1 25.9 23.7 100
छत्तीसगढ़ प्रदेश में आंकड़े एक नजर में
56 हजार 303 स्कूल प्रदेशभर में
26,51,484 प्राइमरी स्कूल में कुल बच्चे
14,81,381 मिडिल स्कूल में बच्चे
9,43,808 हाई और 6,00,530 हायर सेकंडरी में
56,77,203 बच्चे अध्ययनरत प्रदेश में












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