तेलंगाना: बीआरएस से नाराज नेताओं को अपने खेमे में करने की कोशिश में कांग्रेस
हाल ही में सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की। जिससे कई नेताओं में असंतोष है। तेलंगाना कांग्रेस अब इस मौके पर फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।
बीआरएस के एक मौजूदा विधायक ने दोबारा टिकट नहीं मिलने के बाद पहले ही कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा कर दी है। वहीं एक अन्य विधायक, जिसने अपने बेटे के लिए टिकट मांगा था, वो भी पाला बदलने की तैयारी में हैं।

कांग्रेस ने कुछ महीने पहले से ही बीआरएस के कुछ असंतुष्टों को आकर्षित किया था। साथ ही बागियों को टिकट देकर सत्ताधारी पार्टी की पिच खराब कर रही।
के.चंद्रशेखर राव द्वारा 119 विधानसभा सीटों में से 115 के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के बाद जिलो से रिपोर्ट आई, जिसमें कहा गया कि असंतोष केवल कुछ निर्वाचन क्षेत्रों तक ही सीमित है।
बीआरएस नेतृत्व कुछ मौजूदा विधायकों और उम्मीदवारों को, जिन्हें टिकट से वंचित कर दिया गया था, उन्हें अन्य अवसर देने के वादे के साथ संतुष्ट करने में कामयाब रहा है।
दरअसल बीआरएस ने चुनाव के 3-4 महीने पहले ही टिकट की घोषणा कर दी, इसे उसका मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। सत्तारूढ़ दल इसे अपने आत्मविश्वास के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस और भाजपा दोनों को एक बार में अपने उम्मीदवारों की घोषणा करने का चैलेंज दे रहा।
केसीआर द्वारा केवल आठ मौजूदा विधायकों का टिकट काटा गया है। जिससे पीसीसी चीफ ए रेवंत रेड्डी को झटका लगा। उन्होंने केसीआर को चुनौती दी थी कि उनमें हिम्मत है, तो मौजूदा विधायकों के साथ लड़कर दिखाएं।












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