Rajasthan: गिग वर्कर्स को कानूनी दायरे में लाएगी गहलोत सरकार
Rajasthan: राज्य सरकार ने प्रदेश में ऑनलाइन आर्डर पर फूड या अन्य प्रॉडक्ट घर-घर पहुंचाने वाले गिग वर्कर्स को कानूनी दायरे में लाने का निर्णय किया है। इसके तहत राज्य विधानसभा में राजस्थान प्लेटफार्म आधारित गिग कर्मकार, रजिस्ट्रीकरण और कल्याण विधेयक 2023 पेश किया गया है। इसे सोमवार को चर्चा के बाद पारित किया जाएगा।

ये होते हैं गिग वर्कर
- बिजनेस में कंपनियां कुछ काम स्थायी कर्मचारी के बजाए गैर स्थायी कर्मचारी से कराती है। इन कामों के लिए कंपनी काम के आधार पर भुगतान करती है। ये कार्मिक कंपनी से लंबे समय से जुड़े होते है लेकिन इनकी गिनती स्थाई या ठेके कार्मिकों में नहीं होती है।
- गिग वर्कर के तौर पर काम करने वाले कर्मचारी और कंपनी के बीच एक समझौता होता है। इस समझौता के तहत कंपनी की कॉल पर कार्मिक को काम करना होता है। इस काम के बदले ही कंपनी गिग वर्कर को भुगतान करती है।
- इन कर्मचारियों को कंपनी के स्थायी कर्मचारियों की तरह वेतन-भत्ते आदि का लाभ नहीं मिलता है। इस तरह का काम करने का कोई समय तय नहीं होता है और कार्मिक को किसी भी समय काम के लिए कॉल किया जा सकता है।












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