Punjab: स्कूलों को लेकर सख्त सरकार, कायदे नहीं माने तो रद्द होगी मान्यता
जालंधर। राज्य भर के सभी प्राइवेट, सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड के अधीन एफिलिएशन लेने वालों को राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत मान्यता लेनी अनिवार्य होती हैं। मान्यता रद्द न हो जाए, इसका उन्हें विशेष तौर पर ध्यान रखना होगा। इसे लेकर शिक्षा विभाग और बोर्ड की तरफ से सभी स्कूलों को विद्यार्थियों की सुविधाओं को मुख्य रखते हुए और मान्यता देने से पहले जांच अधिकारियों को स्कूलों में निरीक्षण करते समय ध्यान देने को लेकर नियमों व शर्तों को सांझा किया है।

इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि नियम व शर्तें पूरी न होने पर किसी भी स्कूल को मान्यता नहीं मिलेगी। विभाग की तरफ से साफ कहा गया है कि फीस में बढ़ोतरी नियमों के अनुसार ज्यादा हुई तो कार्रवाई होगी, वहीं किताबें, वर्दियां आदि की बिक्री नहीं हो सकती है। इसके अलावा सभी के पास नियमों के अनुसार योग्यता पूर्ण करते हुए ही अध्यापक होने चाहिए।
पूरी करनी होंगी 29 शर्तें
इसे लेकर विभाग ने जांच अधिकारी यानी कि उप जिला शिक्षा अधिकारियों के लिए 29 शर्तें पूरी करने की जांच रिपोर्ट का फार्मेट तैयार किया है। एक भी शर्त पूरी न होने पर फाइल मान्यता के लिए अब नहीं भेजी जा सकेगी। सभी शर्तें पूरी करने की रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही जिला शिक्षा अधिकारी हस्ताक्षर कर फाइल भेजेंगे। इस दौरान अगर किसी प्रकार की कोई लापरवाही रखी गई तो उसे लेकर स्कूल के साथ-साथ संबंधित अधिकारी पर भी कार्रवाई की जाएगी।
जांच अधिकारी फाइल भेजने से पहले इन बातों का रखेंगे ध्यान
- स्कूल प्राइमरी, मिडिल, हाई, सीनियर सेकेंडरी है तो उसी हिसाब से प्रोसेसिंग फीस
- शिक्षकों और दफ्तरी कर्मचारियों के छह महीने के वेतन की जानकारी।
- स्कूल की स्थापना तिथि से संबंधित दस्तावेज।
- स्कूल किस संस्थान के अधीन है, उसके सदस्यों की सूचना और संविधान की कापी।
- स्कूल में दाखिल विद्यार्थियों का सारा ब्यौरा ई-पंजाब में दर्ज रिकार्ड से मेल खाता है या नहीं।
- स्कूल की जमींन अपनी है या नहीं, अगर लीज पर है तो कम से कम 30 साल हो
- स्कूल निर्माण से संबंधित नक्शे की कापी।
- स्कूल इन बातों को रखेंगे ध्यान
- आरटीई के नियमानुसार पढ़ाने वाले शिक्षकों की योग्यता होनी चाहिए।
- पीडब्ल्यूडी विभाग की तरफ से बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट और फाटर सेफ्टी सर्टिफिकेट।
- स्वच्छ पेयजल के प्रबंध और लैब रिपोर्ट।
- लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय।
- स्कूल के पास खेल मैदान और सामग्री की जानकारी।
- स्कूल में पर्याप्त कक्षाएं, फर्नीचर, विद्यार्थियों को सैक्शनों की जानकारी।
- साइंस लैब, कम्प्यूटर लैब, फिजिक्स, कैमिस्ट्री विषय की प्रयोगशालाएं लाइब्रेरी हो।
- 320 विद्यार्थियों के लिए एक कम्प्यूटर लैब, 640 के लिए दो और 960 तक के लिए तीन लैब हो।
- स्कूल की आमदनी और खर्चे संबंधी सीए की रिपोर्ट।
- स्कूल में पंजाबी भाषा को लाजमी करना।












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