CM मान के आदेश के बाद मुख्तार अंसारी मामले की ADGP इंटेलिजेंस की जांच शुरू, मेहरबानों पर गाज गिरना तय
चंडीगढ़: उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को रोपड़ जेल में वी.आई.पी. सुविधाएं देने और यू.पी. शिफ्ट न करने पर लाखों रुपए खर्च किए गए। अब इस मामले की जांच ए.डी.जी.पी. इंटेलिजेंस द्वारा शुरू कर दी गई है। सीएम भगवंत मान द्वारा उस जांच को हरी झंड़ी दे दी गई है। जांच के दौरान पता लगाया जाएगा कि किस नेता के कहने पर और किस आधार पर अधिकारियों ने वकीलों की फौज खड़ी कर अंसारी की पैरवी के लिए लाखों रुपए खर्च दिए।

गौरतलब है कि मोहाली के बिल्डर से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में अंसारी को रोपड़ जेल में सवा 2 साल तक रखा गया था। गौरतलब है कि अंसारी को वी.आई.पी. सुविधाएं देने का मामला जेल मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा विभानसभा में उठाया गया था। अंसारी को जिस बैरक में रखा गया था, उसमें 25 कैदी रह सकते थे। अंसारी की पत्नी को भी वहां आने की इजाजत दी थी।
मंत्री ने यह मुद्दा उठाया कि सरकारी पैसों की बर्बादी नहीं होने दी जाएगी। यह भी बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर गैंगस्टर अंसारी को उत्तर प्रदेश शिफ्ट किया गया था। अंसारी को प्रोडक्शन वारंट पर लाने के लिए यू.पी. पुलिस द्वारा कई कोशिश की गई थी।












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