किसानों को जान-बूझकर टारगेट कर रही केंद्र सरकार, प्रदूषण के लिए सिर्फ पंजाब जिम्मेदार नहीं: CM मान
चंडीगढ़। बढ़ते प्रदूषण के सवालों पर हरियाणा और पंजाब की सरकारें आमने-सामने हैं। एयर क्वालिटी इंडेक्स में इन राज्यों की रिपोर्ट चिंता बढ़ा रही है। केंद्र सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि पराली के मुद्दे पर पंजाब फेल रहा है। इस पर अभी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र को जवाब दिया। मान ने कहा कि, पराली से प्रदूषण के लिए सिर्फ पंजाब जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि, हरियाणा में भी पराली जल रही है।

मुख्यमंत्री मान बोले कि, पंजाब के मुकाबले हरियाणा के शहर ज्यादा प्रदूषित हैं। मान ने कहा कि, हमें लगता है केंद्र की भाजपा सरकार जान-बूझकर पंजाब के किसानों को टारगेट कर रही है।
मान बोले- भाजपा का मकसद पंजाब के किसानों को बदनाम करना
भगवंत मान ने कहा कि पिछले कई दिनों से पराली पर प्रदूषण की राजनीति हो रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्र की भाजपा सरकार मदद करने के बजाय पंजाब के किसानों को बदनाम कर रही है, जबकि हरियाणा-यूपी के शहर प्रदूषित शहरों की सूची में हैं। फसल लेते वक्त पंजाब का किसान अन्नदाता बन जाता है, जबकि अन्न लेने के बाद किसानों को खरीखोटी सुनाई जा रही है।
मान ने कहा कि केंद्र सरकार बात-बात पर पंजाब के किसानों को दोषी ठहराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या पराली सिर्फ दिल्ली व पंजाब में ही जल रही है। एयर क्वालिटी इंडेक्स में हरियाणा का फरीदाबाद नंबर वन है। इसके अलावा मानेसर, ग्वालियर, गुरुग्राम, सोनीपत, भोपाल, पानीपत, कोटा, करनाल, रोहतक, हिसार, जोधपुर, इंदौर, मेरठ, जयपुर, चंडीगढ़, जबलपुर, पटना, आगरा, बद्दी, उदयपुर की हवा खराब हो रही है। क्या इस सबके लिए पंजाब का किसान जिम्मेदार हैं।
भगवंत मान ने कहा कि जब पंजाब ने पराली के स्थायी समाधान के लिए प्रस्ताव दिया तो केंद्र सरकार ने इसमें मदद नहीं की। केंद्र किसानों के आंदोलन के कारण पंजाब के किसानों से सौतेला व्यवहार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पराली का मुद्दा कई वर्षों से गंभीर है। राज्य सरकार भी इससे चिंतित है, लेकिन केंद्र सरकार हर रोज पराली के मुद्दे पर दिल्ली व पंजाब सरकार को खरी-खोटी सुना रही है।












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