पंजाब: मुख्यमंत्री मान ने की लघु उद्योगों को प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की मंजूरी लेने के लिए VDS योजना की घोषणा
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी लघु उद्योगों या संस्थाओं (10 करोड़ रुपये से कम पूंजी निवेश वाले) के लिए पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (पीपीसीबी) की मंजूरी लेने के लिए एक स्वैच्छिक प्रकटीकरण योजना (वीडीएस) का ऐलान किया।

मुख्यमंत्री ने लुधियाना के उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जल (प्रदूषण की रोकथाम और कंट्रोल) एक्ट, 1974 और हवा (प्रदूषण की रोकथाम और कंट्रोल) एक्ट, 1981 के उपबंधों के अंतर्गत सभी उद्योगों को पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से स्थापना व संचालन के लिए मंजूरी प्राप्त करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि कुछ उद्योगों ने कभी भी बोर्ड से संचालन के लिए सहमति नहीं ली और उनको 1992 के बाद या उद्योग चालू होने की तारीख से, जो भी बाद में हो, मंजूरी फीस अदा करने की आवश्यकता है।
भगवंत मान ने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने और उद्योगों को पर्यावरण के नियमों की पालना के दायरे में लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी छोटे उद्योगों या संस्थाओं अन्य संस्थाओं (10 करोड़ रूपए से कम पूंजी निवेश) के लिए स्वैच्छिक प्रकटीकरण योजना (वीडीएस) के अधीन लाने का फैसला किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उद्योग निर्धारित क्षेत्रों में चल रहे हो या बोर्ड को चलाने के लिए कभी भी सहमति नहीं ली हो या बोर्ड की पिछली स्वैच्छिक प्रकटीकरण योजनाओं के अंतर्गत कभी भी सहमति फीस नहीं भरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत उद्योगों या संस्थाओं/अन्य संस्थाओं को सवा पांच हजार रुपये की थोड़ी सी फीस के अलावा साल 1992 से 31 अक्तूबर, 2018 तक कोई भी फीस नहीं देनी पड़ेगी।
भगवंत मान ने कहा कि ऐसे उद्योगों को पहली नवंबर 2018 के बाद ही सहमति फीस जमा करवानी पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस योजना के अंतर्गत उद्योगों द्वारा आनलाइन आवेदन दाखि़ल करने की आखिरी तारीख़ 31 मार्च, 2023 तक है।
गन्ने की सुचारू खरीद के लिए पुख्ता प्रबंध
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना उत्पादकों के हित महफूज रखने के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी फसल को खरीद कर समय पर अदायगी को सुनिश्चित बनाया जाएगा। गन्ना कंट्रोल बोर्ड की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने गन्ने का भाव मौजूदा 360 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 380 रुपये प्रति क्विंटल करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि, इस फैसले से किसानों को बीते वर्ष की अपेक्षा इस साल स्टेट ऐगरीड प्राइस के अंतर्गत गन्ने की कीमत प्रति क्विंटल 20 रुपये अधिक मिलेगी। भगवंत मान ने कहा कि मीटिंग में उपस्थित प्राईवेट मिल मालिकों ने भरोसा दिया है कि किसानों को उनकी फसल की पूरी कीमत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने मिलों को निर्धारित समय पर खरीद शुरू करने और किसानों को समय पर अदायगी करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी तरह की ढिलाई असहनीय होगी।
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