कोरोना से ठीक होने बच्चों को एम आई सिंड्रोम से पीड़ित होने का खतरा सबसे अधिक: ओडिशा सरकार
कोरोना से ठीक होने बच्चों को एम आई सिंड्रोम से पीड़ित होने का खतरा सबसे अधिक: ओडिशा सरकार
भुवनेश्वर, 10 सितंबर: ओडिशा में बृहस्पतिवार को 117 और बच्चों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद राज्य सरकार ने अभिभावकों को आगाह किया है कि शून्य से 10 साल आयु वर्ग के संक्रमण मुक्त बच्चों में मल्टी सिस्टम इन्फ्लेमेटरी (एमआई) सिंड्रोम का खतरा अधिक रहता है। एमआई सिंड्रोम बच्चों में एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर के विभिन्न अंग जैसे हृदय, फेफड़े, गुर्दे, मस्तिष्क, त्वचा और आंखों में सूजन हो जाती है।

स्वास्थ्य निदेशक निरंजन मिश्रा ने कहा, कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त होनेवाले 10 साल से कम उम्र के बच्चों में एमआई सिंड्रोम का खतरा अधिक होता है। इनमें संक्रमणमुक्त होने के करीब एक महीने के भीतर इसके लक्षण विकसित होने लगते हैं।
ओडिशा में संक्रमण के 771 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से 117 मरीजों की उम्र 0-18 साल के बीच में है। स्वास्थ्य निदेशक निरंजन मिश्रा ने कहा, मौजूदा समय में कई बच्चे एमआई सिंड्रोम से पीड़ित हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। उन्हें सिर दर्द, दस्त और उल्टी की शिकायत हैं। अभिभावकों को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि ये संक्रमण मुक्त होने के बाद की दिक्कतें हैं। उन्हें डॉक्टरों से सलाह लेनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में बृहस्पतिवार को बच्चों में संक्रमण दर 15.17 फीसदी दर्ज की गई। बुधवार को यह दर 13.38 फीसदी थी और मंगलवार को यह 14.57 फीसदी तथा सोमवार को 20.03 फीसदी थी। राज्य में इस समय 7,042 मरीजों का उपचार चल रहा है और अब तक कोविड-19 रोधी टीके की 2,45,90,338 खुराक दी जा चुकी हैं।












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