ओडिशा सरकार अप्रयुक्‍त औद्योगिक भूमि को पुर्नविकसित करेगी, लोगों को मिलेगा रोजगार

ओडिशा सरकार ने राज्‍य में रोजगार पकर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अप्रयुक्‍त औद्योगिक भू‍मि को दोबारा विकसित करने का निर्णय लिया है। वहीं ओरिएंट पेपल मिल्‍स ओर ओडिशा टेक्‍सटाइल मिल्‍स, गोपालपुर औद्योगि पार्को की अप्रयमुक्‍त औद्योगिक भूमिका खास ध्‍यान दिया जाएगा।

unused industrial land

बारपाली और हिंजिली एमएसएमई पार्कों में तेजी लाई जाएगी। बारपाली और हिंजिली में विकसित किए जा रहे एमएसएमई पार्कों को पहले श्रम-केंद्रित परियोजनाओं के लिए स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को पेश किया जाएगा।

जनता के हित को ध्‍यान में रखते हुए लिया गया ये निर्णय

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बैठक में महत्वपूर्ण औद्योगिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया। जनता के हित को ध्‍यान में रखते हुए रोजगारपरक परियोजनाओं की स्थापना के लिए खाली भूमि का उपयोग करने के वैकल्पिक विकल्प तलाशने का निर्णय लिया गया है।

कई फैक्ट्रियों और मिलोंं के बंद होने से कई लोग हुए बेरोजगार

राज्‍य में वर्षों पुरानी फैक्ट्रियां और मिल वर्षो से बेकार पड़ी हैं। इनमें ओरिएंट पेपर मिल्स की स्थापना 1939 में बिड़ला ग्रुप द्वारा ब्रजराजनगर में लगभग 1,000 एकड़ क्षेत्र में की गई थी। हालांकि 1999 से यह मिल बंद हो गई है, जिससे 3,000 से अधिक कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। सीएमओ ने उद्योग विभाग को क्षेत्र में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए संभावित उद्योगों को आमंत्रित करने के लिए कहा गया है।

खाली जमीन को राज्य सरकार ने अपने कब्जे में लिया

इसके अलावा ओडिशा सरकार ने चौद्वार में उड़ीसा टेक्सटाइल मिल्स की लगभग 521 एकड़ खाली भूमि पर कपड़ा और लोकोमोटिव उद्योगों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। रोजगार संबंधी सभी बकाया चुकाने के बाद खाली जमीन को राज्य सरकार ने अपने कब्जे में ले लिया है।

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