ओडिशा: एक्सपर्ट्स ने किया बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने का आह्वान
सौमेंद्र कुमार प्रियदर्शी ने कहा, 'हालांकि, कोविड के बाद लड़कियों के माइग्रेशन के मामलों में वृद्धि हुई है, जो सोशल मीडिया के असर के कारण घर से भागने का एक प्रमुख कारण है।'

ओडिशा के भुवनेश्वर में शनिवार को एक अहम बैठक हुई, जिसमें कोविड महामारी की शुरुआत के बाद रिस्क में आए बच्चों, विशेषकर लड़कियों की सुरक्षा को लेकर चर्चा हुई। इस मौके पर पुलिस आयुक्त सौमेंद्र कुमार प्रियदर्शी ने कहा कि सरकार किसी ना किसी तरह से राज्य में बाल संरक्षण तंत्र को बढ़ाने में सफल रही है, जिससे बच्चों से संबंधित अपराधों में कमी आई है।
सौमेंद्र कुमार प्रियदर्शी ने कहा, 'हालांकि, कोविड के बाद लड़कियों के माइग्रेशन के मामलों में वृद्धि हुई है, जो सोशल मीडिया के असर के कारण घर से भागने का एक प्रमुख कारण है।' वहीं बाल संरक्षण तंत्र में कुछ कमियों को स्वीकार करते हुए, श्रम आयुक्त एन थिरुमाला नाइक ने कहा कि सरकारी तंत्र को बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों की बेहतर सुरक्षा के लिए सामाजिक तौर पर बदलाव की आवश्यकता है। OSCPCR की चेयरपर्सन मंदाकिनी कर ने नागरिक समाज संगठनों और विभिन्न सरकारी बाल संरक्षण संस्थानों के बीच सहयोग का भी आह्वान किया।
रेलवे चिल्ड्रन इंडिया के साथ साझेदारी में हमारा बचपन ट्रस्ट की तरफ से आयोजित इस बैठक की शुरुआत एचबीटी के संस्थापक अध्यक्ष धरित्री पटनायक ने की। अन्य लोगों में, जॉन बॉस्क, वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक, रेलवे चिल्ड्रेन इंडिया और रीनारानी बेहरा, परियोजना प्रबंधक एचबीटी, सीडीपीओ, सीडब्ल्यूसी सदस्य, और गंजम, भद्रक, केओन्झार, खुर्दा और कटक जिलों के जेजेबी सदस्य उपस्थित थे।












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