करोड़ों के घोटाले के बावजूद जर्जर हालत में एमसीडी का पूर्णिमासेठी अस्पताल: AAP

करोड़ों के घोटाले के बावजूद जर्जर हालत में एमसीडी का पूर्णिमासेठी अस्पताल: AAP

नई दिल्ली, 25 फरवरी 2022। आम आदमी पार्टी ने कालकाजी के पूर्णिमासेठी अस्पताल की जर्रज हालत की वीडियो दिखाते हुए साउथ दिल्ली के सांसद रमेश बिधीड़ी को चुनौती दी है कि वह साथ चलकर अस्पताल की वास्तविक हालत को देखें। 'आप' प्रभारी दुर्गेश पाठक ने कहा कि अस्पताल के बेसमेंट में पानी भरा है, दीवारों में दरार है, सीमेंट निकल रही है, ऐसा लगता है इमारत कभी भी गिर सकती है। बीजेपी एमसीडी ने 9 करोड़ की लागत वाले अस्पताल में 60-70 करोड़ लगाया है। अस्पताल 2012 में बनकर तैयार होना था, लेकिन 2021 में तैयार हुआ, इमारत नई होने के बावजूद जर्जर हालत में है। वहीं साउथ एमसीडी के एलओपी प्रेम चौहान ने कहा कि बीजेपी एमसीडी बताए अस्पताल की सॉयल टेस्टिंग रिपोर्ट कहां है। मल्टीस्पेशलिस्ट अस्पताल होने के बावजूद दवाइयों के नाम पर सिर्फ पेरासिटेमोल दे रहा है। उन्हें शर्म आनी चाहिए।

MCDs Poornimasethi hospital in dilapidated condition despite crores scam: AAP

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित किया। दुर्गेश पाठक ने कहा कि आज हम आपके सामने भाजपा की एमसीडी के एक अस्पताल का वीडियो आपके सामने रख रहे हैं। आप वहां जाकर भी सत्यापित कर सकते हैं। यह वीडियो अस्पतालों के रखरखाव को लेकर बीजेपी की लापरवाही को दर्शाता है। कुछ दिन पहले ही हमने आपको नॉर्थ एमसीडी के एक अस्पताल के बारे में बताया कि अस्पताल की जर्जर हालत के बावजूद उसमें मरीजों का इलाज जारी है। कालकाजी के पास पूर्णिमा सेठी नाम का एक अस्पताल है। उसी से संबंधित एक वीडियो हम आपको दिखाने जा रहे हैं। उस अस्पताल के हालात तो साफ हो ही रहे हैं, उसके बाद हम आपको यह भी बताएंगे कि बीजेपी ने किस प्रकार उस अस्पताल के माध्यम से एक बड़ी लूट को अंजाम दिया है।

अस्पताल का वीडियो पेश करते हुए दुर्गेश पाठक ने कहा कि आप लोगों के साथ कुछ आंकड़ें साझा करना चाहूंगा। पूर्णिमा सेठी अस्पताल बीजेपी शासित एमसीडी के अंतर्गत आता है। 2007 में यह अस्पताल सैंक्शन हुआ। उस समय इसका रेट 9 करोड़ रुपए तय हुआ था। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल 9 करोड़ में बनकर तैयार हो जाएगा। अस्पताल को 2012 में बनकर तैयार होना था लेकिन यह वास्तव में 2021 में बनकर तैयार हुआ। इतना ही नहीं, अस्पताल 9 करोड़ में बनकर तैयार होना था लेकिन बीजेपी ने इसे बनाने में 60-70 करोड़ लगा दिए। खुद एमसीडी के ऑडिकर ने बीजेपी से प्रश्न किया कि आपने जो भुगतान किया है, उसमें 4 करोड़ किसे दिए गए हैं, उसकी जानकारी दी जाए। मतलब 4 करोड़ किसे दिए गए इसकी जानकारी किसी को नहीं है। इस अस्पताल का बेसमेंट पूरी तरह से पानी से भरा हुआ है। 24 घंटे, 12 महीनें वहां पानी भरा रहता है। दीवारों की हालत खराब हो चुकी है। इमारत की हर दीवार पर दरारे पड़ रही हैं।

इस अस्पताल के पास कोई एनओसी नहीं है और दवाईयों के नाम पर सिर्फ पेरासिटेमोल मिलती है। दिल्ली में ऐसे हालत हो गए हैं कि बीजेपी एमसीडी कैसे अस्पताल बनाना चाहती है, वास्तव में कैसे बना रही है और जनता को कैसे अस्पताल दिखा रही है। हमने देखा कि कैसे दिल्ली सरकार ने 300 करोड़ रुपए के फ्लाईओवर को 150 करोड़ रुपया में बना दिया। इसका कारण यह है कि हमारी सरकार ईमानदार है, हमारे मंत्री ईमानदार हैं, मुख्यमंत्री ईमानदार हैं। वहीं बीजेपी ने 9 करोड़ के अस्पताल को 60-70 करोड़ में बनाया। इसका मतलब है कि इसमें बहुत बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया गया है। बहुत बड़े स्तर पर पैसों की बंदरबांट की गई है। इस अस्पताल को बनाने में बीजेपी के नेताओं ने बहुत बड़े स्तर पर पैसे खाए हैं।

यदि कोई भी देखेगा तो उसे यही लगेगा कि इतना बड़ा अस्पताल है लेकिन ना तो वहां कि ओपीडी अच्छे से चल रही है और ना वहां के हालात अच्छे हैं। इस अस्पताल को खतरनाक अस्पताल घोषित किया जा सकता है। हमने को अस्पताल का कुछ ही हिस्सा आपको दिखाया है। यदि आप पूरा अस्पताल देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि यह अस्पताल किसी भी वक्त गिर सकता है। यह अस्पताल 2021 में बना है और अभी से ऐसा लग रहा है कि वह कभी भी गिर सकता है। दीवारों से प्लास्टर निकल रहा है, सीमेंट टूटकर गिर रही है। ऐसा लगता है जैसे अस्पताल के नाम पर रेत की इमारत बनाई गई है। पूरा का पूरा पैसा बीजेपी के नेताओं ने खा लिया है। इसकी जांच होनी चाहिए और सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हमारे एलओपी, प्रेम चौहान यहां मौजूद हैं, जिन्होंने खुद अस्पताल जाकर वीडियो को बनाया और अस्पताल की असली हालत दिखाई। मैं चाहूंगा कि वह अपना आंखों देखा हाल सुनाएं।

साउथ एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष प्रेम चौहान ने कहा कि जिस तरीके से आप वीडियो को देख पा रहे हैं, असल में हालात इससे भी खराब हैं। यह वीडियों मेरे फोन से बनी है, इसलिए मैं उतना अच्छे से नहीं दिखा सका। हमने कोशिश की हम आपको और दिखा सकें लेकिन जैसे ही अस्पताल वालों को पता चला कि हम वीडियो बना रहे हैं, उन्होंने आगे जाने से मना कर दिया। ऊपर के हालात इससे भी ज्यादा खराब हैं। लेकिन मैं चाहूंगा कि आप लोग वहां जाएं और खुद वहां की असलियत को देखें। हम चाहते हैं कि जो लोग इलाज के लिए वहां जा रहे हैं, उनकी जान पर जो खतरा है, वह टल सके। इस अस्पताल को तत्काल प्रभाव से बंद करने की आवश्यकता है। अस्पताल के लोग खुद मोहल्ला क्लीनिक से दवाइयां लेते फिर रहे हैं, लेकिन अपना एमसीडी का अस्पताल नहीं नज़र आ रहा है। दुनिया का पहला अस्पताल है, जो मल्टीस्पेशलिस्ट होने के बावजूद सिर्फ पेरासिटेमोल दे रहा है। उनको शर्म आनी चाहिए।

मैं आप लोगों को बताना चाहता हूं कि इसकी एक टेंस्टिंग रिपोर्ट आती है। बीजेपी बताए कि इसकी सोयल टेंस्टिंग कौन खा गया। वह कहां चली गई। जब उन्हें पता था कि यहां पर पानी भरने की समस्या है, यहां पर इमारत नहीं बनाई जा सकती है, बावजूद इसके पैसा खाने के चक्कर में उन्होंने यहां पर इमारत बनाई। जबकी वह लोग बार-बार यह कहते हैं कि हमने इस अस्पताल में यह किया है, इस अस्पताल में यह लगाया है। लेकिन वह अस्पताल गिरने वाला है तो पहले उसे संभालें। इन लोगों ने इस अस्पताल को एक प्राइवेट लैब को देने की कोशिश की लेकिन उन लोगों ने लेने से मना कर दिया। इसके बाद इन लोगों ने एक बड़े अस्पताल को इसे देने की कोशिश की, उन्होंने भी अस्पताल की हालत को देखकर उससे किनारा कर लिया। इस मामले की जांच होनी चाहिए और सभी दोषियों को सज़ा होनी चाहिए।

दुर्गेश पाठक ने कहा कि यह अस्पताल साउथ दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी के घर से मात्र 1.5-2 किलोमीटर की दूर पर बना हुआ है। मैं रमेश बिधूड़ी जी को चुनौती देता हूं कि क्यों ना सबसे पहले इसी अस्पताल से विजिट की शुरुआत करते हैं। आपके पास जब भी समय हो, आप बताएं। आप अपने साथियों को साथ लाएं, मीडिया भी आएगी और आम आदमी पार्टी के लोग भी आएंगे। आपने कहा कि आप एक मल्टीस्पेशिलिटी अस्पताल बना रहे हैं, तो सबसे पहले हम उसी को देखने जाएंगे। एमसीडी का सबसे बढ़िया अस्पताल आपने बनाया है तो क्यों ना यहीं से शुरुआत करें। मैं चाहूंगा कि रमेश बिधूड़ी जी इसका जवाब दें। आदेश गुप्ता जी जवाब दें। जब भी आपके पास समय हो, यदि आप इस चुनौती को स्वीकार करते हैं, तो हमारी ओर से बहुत-बहुत स्वागत है।

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