अब पंजाब के बच्चे पढ़ेंगे किसान आंदोलन, सिलेबस में जोड़ने तैयारी में मान सरकार
खेती कानूनों के विरोध में हुए किसानी संघर्ष को सिलेबस के रूप में पंजाब शिक्षा बोर्ड में शामिल किया जा सकता है।

चंडीगढ़: केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ लगभग डेढ़ साल तक चले किसान आंदोलन को स्कूल में पढ़ाने की तैयारी की जा रही है। खेती कानूनों के विरोध में हुए किसानी संघर्ष को सिलेबस के रूप में पंजाब शिक्षा बोर्ड में शामिल किया जा सकता है।
जानकारी के अनुसार किसान आंदोलन को पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इसकी जानकारी दी है। किसान आंदोलन वर्तमान इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आपको बता दें कि अध्यापक संघ द्वारा लंबे समय से इस आंदोलन को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाए जाने की मांग की जा रही है। अध्यापक संघ का कहना है कि किसान आंदोलन के बारे में पढ़ कर बच्चों को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के बारे में पता चलेगा।
उन्होंने कहा कि इसे पढ़ कर बच्चों को पता चलेगा कि कैसे एकजुट होकर नागरिकों ने सरकार की किसान विरोधी नितियों का सामना किया और कैसे इस आंदोलन के चलते केंद्र ने 3 कृषि कानूनों को वापस ले लिए था।












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