केटीआर ने हथकरघा पर जीएसटी लगाने के केंद्र के फैसले का किया विरोध
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष और मंत्री के टी रामा राव ने राज्य द्वारा हथकरघा क्षेत्र को जीएसटी के दायरे से बाहर करने के अनुरोध को केंद्र द्वारा ना मानने की आलोचना की।
हथकरघा मंत्री के टी रामाराव हथकरघा पर जीएसटी लगाने के केंद्र सरकार के फैसले का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। 2017 के बाद से मंत्री ने हथकरघा उत्पादों की बिक्री पर प्रतिकूल प्रभाव और बुनकरों की कमाई पर पड़ने वाले प्रभाव का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से GST को वापस लेने के लिए कई अनुरोध किए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से लेकर केंद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल तक, मंत्री ने पत्र लिखकर हथकरघा पर जीएसटी को वापस लेने की मांग की है।
भाजपा सरकार 1 जुलाई, 2017 से कच्चे माल और तैयार हथकरघा कपड़े पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगा रही है। तब से हथकरघा उत्पादों और इसके कच्चे माल (यार्न, डाई और रसायन) पर जीएसटी की छूट की मांग को लेकर कई विरोध प्रदर्शन हुए।
इसके बाद केंद्र सरकार ने 1 जनवरी, 2022 से हथकरघा पर जीएसटी को बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया।पिछले साल 22 अक्टूबर को रामाराव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हथकरघा पर पांच प्रतिशत जीएसटी वापस लेने की अपील करते हुए एक पोस्टकार्ड अभियान भी शुरू किया था। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री को एक कार्ड भी लिखा था।












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