Jharkhand: रांची में हेमंत सोरेन से मिले नीतीश, विपक्षी एकता को लेकर हुई बात, केंद्र पर भी बोला हमला
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस कर वे काफी प्रसन्न नजर आएं। इससे नीतीश कुमार को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख विपक्षी नेता के रूप में अपनी छवि बनाने में जरूर एक और बड़ी सफलता मिली।

Jharkhand:विपक्षी एकता की मुहिम को जोर देने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को रांची में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने मुलाकात के बाद साझा प्रेस कॉनफ्रेंस किया।
लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर विपक्षी दलों को एकजुट करने की मुहिम में जुटे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार शाम रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ बैठक की। सीएम सोरेन के आवास पर करीब एक घंटे तक विपक्षी एकता पर सकारात्मक चर्चा हुई। इसके बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीतीश कुमार ने कहा कि पूरा विपक्ष एकजुट होकर लोकसभा चुनाव लड़ेगा और परिणाम पूरा देश देखेगा। वहीं हेमंत सोरेन ने कहा कि नीतीश कुमार अभिभावक हैं, इनके मार्गदर्शन में वह काम करने को तैयार हैं।
दोनों की बातों से यह स्पष्ट नजर आया कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता की मुहिम में जुटे नीतीश कुमार को राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) को साथ लाने में कामयाबी मिली है। झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कहा कि हम सभी केंद्र में विपक्ष की भूमिका में हैं। विपक्षी विचारधारा को देश में स्थापित कर विस्तार देने के लिए चर्चा प्रारंभ हो चुकी है। इसी संदर्भ में रांची में भी संक्षिप्त चर्चा हुई है। सभी के विचारों को एक समान बनाने के लिए जल्द विस्तार से चर्चा की कोशिश होगी।
बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब हेमंत सोरेन ने नीतीश कुमार को अपना अभिभावक करार देते हुए खुद को नई पीढ़ी का सियासी सिपाही बताया। कहा कि नीतीश कुमार से बहुत कुछ जानना और सीखना है। राज्य की क्षेत्रीय अस्मिता और देश की एकता बरकरार रहनी चाहिए। वह नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में काम करेंगे। हेमंत सोरेन ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक पहचान को कायम रखने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा चल रही है। उन्होंने गठबंधन के नेतृत्व के सवाल पर कहा कि देश में जहां भी बातें हो रही है वहां - वहां उसकी जानकारी मीडिया को दी जा रही है।
इतिहास बदलने की कोशिश हो रही : नीतीश
नीतीश कुमार ने बिहार और झारखंड के पुराने रिश्तों को याद किया। कहा कि पहली बार उन्हें मुख्यमंत्री झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन ने ही बनवाया था। तेजस्वी के पिता लालू प्रसाद के साथ जेपी आंदोलन की एकता से सभी वाकिफ हैं। कोरोना के कारण मिलना-जुलना कम हो गया था। उन्होंने केंद्र सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि हमारे इतिहास को बदलने की कोशिश हो रही है। मीडिया पर कुछ लोगों का नियंत्रण हो गया है। देश में विकास नहीं हो रहा लेकिन इसकी चर्चा खूब हो रही है। जहां काम हो रहा है वहां किस प्रकार दमन का प्रयास चल रहा है यह भी सब देख रहे हैं, लेकिन इससे विपक्ष घबराने वाला नहीं है।
किसी दल का नाम लिए बगैर नीतीश ने कहा कि सभी यूनिटों पर कब्जा कर सबकुछ एकतरफा किया जा रहा है। पहले मीडिया को आजादी थी। अब सिर्फ एक के पक्ष में बातचीत होती है। समाज में झगड़ा और हिन्दू-मुस्लिम में विवाद नहीं होने दिया जाएगा। सभी एकजुट होकर चलेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि आजादी का 75वां साल मना रहे लोग क्या स्वतंत्र भारत के पहले साल में थे। इन लोगों का काम बिना मतलब विवाद पैदा करना है। हेमंत सोरेन से उनकी मुलाकात विपक्षी एकता को लेकर हुई है। उन्होंने गठबंधन के नेतृत्व संबंधी सवाल पर कहा कि सभी मिलकर काम करेंगे।
ये नेता रहें मौजूद
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बैठक सीएम सोरेन के कांके रोड रांची स्थित आवास पर हुई। पत्रकार वार्ता में दोनों मुख्यमंत्रियों के साथ जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा सांसद राजीव रंजन सिंह एवं बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, झारखंड सरकार में मंत्री सत्यानंद भोक्ता और मिथिलेश कुमार ठाकुर, बिहार सरकार में मंत्री संजय झा और राज्यसभा सांसद खीरू महतो, झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य विनोद कुमार पांडेय मौजूद रहे।
बता दें कि नीतीश विपक्षी एकजुटता के लिए पूरे देश में विपक्षी दलों के नेताओं से लागातर मुलाकात कर रहे हैं और इस सिलसिले में मंगलवार को उन्होंने भुवनेश्वर में उड़ीसा के मुख्यमंत्री एवं बीजू जनता दल के नेता नवीन पटनायक से मुलाकात की थी। इससे पहले नीतीश कुमार ने दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, कोलकाता में ममता बनर्जी और यूपी में सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात कर चुके हैं।












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