झारखंड में विस्थापितों को मिलेगा एक करोड़ तक का ठेका, सीएम हेमंत ने की थी मांग
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय कोयला मंत्री के बीच नवंबर 2021 में हुई बैठक का नतीजा है कि कोल इंडिया द्वारा अधिग्रहित भूमि से विस्थापित स्थानीय लोगों को अब एक करोड़ तक का कांट्रैक्ट मिलेगा। इस पर केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने भी अपनी सहमति दे दी है। इससे विस्थापितों की आर्थिक आजीविका को मजबूत आधार मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कोयला मंत्री से कहा था कि एक करोड़ तक का ठेका स्थानीय लोगों को देने की योजना बने। जिसके बाद समिति बनी और स्थानीय विस्थापितों को कांट्रैक्ट देने की सिफारिश हुई है।

इन कार्यों में मिलेगी प्राथमिकता :
विभिन्न कार्यों में कोयला परिवहन के तहत विभिन्न क्षेत्रों में कोयला लोडिंग एवं परिवहन कार्य और सिविल कार्य के तहत अकुशल कार्यबल की व्यवस्था करना शामिल है। इसके अलावा साफ-सफाई, रखरखाव, बागवानी कार्य समेत अन्य कार्य व कोल इंडिया द्वारा स्थानीय लोगों से वाहन किराया पर लेने को भी प्राथमिकता दी जायेगी।
सीसीएल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने पारित किया प्रस्ताव :
इधर, कोल इंडिया के निर्देश के बाद सीसीएल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ठेका पर निर्णय लेते हुए सूचना जारी कर दी। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने फैसला लिया है कि अब सीसीएल एक करोड़ तक का कांट्रैक्ट विस्थापितों को देगा। एक करोड़ तक का कांट्रैक्ट सीसीएल उन लोगों को देगा, जो सीसीएल की परियोजनाओं से विस्थापित हुए हैं।
जिन विस्थापितों को सीसीएल नियोजित नहीं कर पाया है, उनको इस निर्णय से सीधे लाभ मिलेगा। बैठक में तय गाइडलाइन के अनुसार सीसीएल अपनी परियोजनाओं के माध्यम से 30 किमी के दायरे में निवास करनेवाले लोगों को ही इस योजना का लाभ देगा। सीसीएल विस्थापितों को चिह्नित करने के लिए सहकारिता समिति का गठन करेगा। समिति के माध्यम से ऐसे लोग चिह्नित होंगे, जिन्हें कांट्रैक्ट योजना का फायदा सीधे मिलेगा।












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