नशे को लेकर जितना काम हमने किया, किसी सरकार ने नहीं किया- विज

नशे को जड़ से समाप्त करने को लेकर प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज द्वारा गठित किए गए हरियाणा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो लगातार अपनी सफलता की ओर कदम बढ़ा रहा है। ब्यूरो नशे को पकड़ने के साथ-साथ नशे से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करने का भी काम करता है। इस मुहिम को लेकर प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज ने बताया कि आज बेशक विपक्ष कुछ भी कहे, हमें कोई चिंता नहीं। लेकिन नशे को लेकर हम बेहद चिंतित हैं और लगातार जितना हमने काम किया है उतना आसपास की किसी सरकार ने नहीं किया।

Anil Vij

विज ने बताया कि उनके द्वारा हरियाणा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के गठन का महत्वपूर्ण कारण भी यही था कि एक इंडिपेंडेंट बॉडी ना केवल इस पर नजर रखे बल्कि अपनी मर्जी से इस पर काम भी कर सके। क्योंकि थानों में रूटीन कि ड्यूटीयां ही इतनी अधिक होती है कि वह इस पर नजर रखने में असमर्थ रहते हैं। इसलिए ब्यूरो का गठन किया गया जो ड्रग पकड़ने के साथ-साथ लोगों को एजुकेट भी करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी इसी प्रक्रिया में हमने प्रदेश से लेकर गांव स्तर तक की समितियां लोगों को जागरूक करने के लिए बनाने का निर्णय लिया है जो कि फिलहाल प्रोसेस में है। हमने इसी से संबंधित एक ऐप बनाया ताकि लोग उस पर ड्रग्स से संबंधित कोई भी जानकारी अपलोड कर सकें और हम उस पर कार्रवाई कर सकें। हमने एक टोल फ्री नंबर भी बनाया है लगातार हम नशे की जड़ से समाप्ति के लिए आगे बढ़ रहे हैं।

बता दें कि प्रदेश से नशे के खात्मे को लेकर इस मुहिम में प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज ने एक बेहद निडर और इमानदार एडीजीपी स्तर के अधिकारी श्रीकांत जाधव को इसकी जिम्मेदारी सौंपी थी। उनके नेतृत्व में ब्यूरो लगातार कई बड़ी सफलताएं हासिल कर चुका है। कई आईपीएस और डीएसपी स्तर के भी अधिकारी स्पेशल ब्यूरो के लिए ही काम कर रहे हैं। एक मुहिम और चुनौती के रूप में लेकर एडीजीपी श्रीकांत जाधव के अनुसार मात्र पुलिस की कोशिशों से प्रदेश में अपनी जड़ें जमा चुके नशे को उखाड़ फेंकना संभव नहीं है। प्रदेश में बेशक पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभा रही हो, लेकिन आज भी कहीं ना कहीं आम जनमानस पुलिस से बात करने में हिचकिचाता है। इसलिए पत्रकारों को आगे आना होगा।

इस मुहिम को एक बड़ा जन आंदोलन बनाकर एक लंबी लड़ाई लड़ने की जरूरत है। पुराने वक्त में जब माता-पिता के चरण स्पर्श करके उनके आशीर्वाद लेने की परंपरा थी, आज माता-पिता का सम्मान कम हुआ है, हाय हेलो करने के दौर ने हमें पतन की ओर धकेला है। आज छोटे-छोटे बच्चे नशे की लत में अपने जीवन को समाप्त कर रहे हैं। व्यवस्थाओं में सुधार के साथ-साथ पुराने संस्कारों को वापिस लाना होगा। उन्होंने हर गांव में प्रतिष्ठित व्यक्तियों, स्कूल प्रबंधन व सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं को विश्वास में लेकर नशे के खिलाफ मुहिम में शामिल करना होगा। जाधव ने कहा कि सामाजिक हानि के डर से माता पिता अपने बच्चे की नशे की लत को छुपाते हैं। जबकि ऐसा करना ना केवल उस बच्चे बल्कि परिवार के लिए एक बड़ी हानि का कारण बन जाता है। आर्थिक, मानसिक और सामाजिक हानि का शिकार बना परिवार पतन की ओर जाता है। इसलिए पत्रकार समाज को भी एक अहम रोल अदा करते हुए अपनी कलम की ताकत समाज को बचाने में लगानी होगी। तभी हमारा समाज- प्रदेश- देश विकास की ओर गतिशील होगा।

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