अब नहीं होगी पानी की किल्लत! बारिश का आंकड़ा जुटाएंगी ग्राम पंचायतें, इन गांवों में लगेंगे रेन गेज
यमुनानगर। गिरते जलस्तर में सुधार के लिए पंचायत स्तर पर कई योजनाओं को धरातल दिए जाने का निर्णय लिया हैं। अटल भू जल योजना के तहत जिले की 251 ग्राम पंचायतों में पीजोमीटर, रेन गेज, वाटर टेस्टिंग किट फ्लो मीटर लगाए जाएंगे। यह कार्य जल्दी ही शुरू करवा दिया जाएगा। पीजोमीटर से भूमिगत जल की मोनिटरिंंग की जाएगी।

रेन गेज से हर साल कितनी गांव में हुई बारिश मापन किया जाएगा। ताकि सूखे या जल भराव की स्थिति को देखते हुए आगामी योजना को धरातल दिया जा सके। इसके अलावा वाटर टेस्टिंग से गांव के पानी के बारे में जानकारी प्राप्त होगी। फ्लो मीटर से पता चलेगा कि भूमिगत जल का कितना दोहन हो रहा हैं।

किस खंड में क्या स्थिति
जगाधरी : 15.78 मीटर
साढौरा : 10.13
खिजराबाद : 15.76
बिलासपुर : 10.78
छछरौली : 9.03
रादौर : 16.92
खनन जोन में नीचे जा रहा जल स्तर
नदियों में खनन का असर जल स्तर पर पड़ रहा है। रादौर क्षेत्र किसान व पूर्व जिला परिषद सदस्य शिव कुमार संधाला का कहना है कि जब से क्षेत्र में खनन शुरू हुआ है तब से भूमि का जलस्तर लगातार गिर रहा है। रेत खोदाई का कोई पैरामीटर यहां लागू नहीं होता। जिससे जलस्तर नीचे जा रहा है। क्षेत्र में फसलों की सिचाई के लिए लगे ट्यूबवेल भी जवाब देने लगे हैं। किसानों को अपनी फसलों की सिचाई पर अधिक पानी खर्च करना पड़ता है। जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ा है। क्षेत्र में जल स्तर के गिरने का बड़ा कारण अंधाधुंध हो रहा खनन है। इस दिशा में ध्यान दिया जाना जरूरी है। अन्यथा भविष्य में परेशानी और भी विकट हो जाएगी।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेंद्र कुमार का कहना है कि अटल भूजल योजना के तहत किए जा रहे कार्यों में सहभागिता को बढ़ाया जाएगा। विभाग से जो भी ट्रेनिंग या वर्कशाप होगी, उसमें अटल भूजल योजना प्रमुखता से रखते हुए जागरूक किया जाएगा। विभाग का प्रयास गिरते जल स्तर में सुधार लाना है। विभिन्न माध्यमों से लोगों को जल के महत्व से अवगत करवाया जाएगा।












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