हरियाणा: महिला की शिकायत, सेल्फ हेल्प ग्रुप के समानों की नहीं हो रही बिक्री, CM खट्टर ने दिया ये जवाब
हरियाणा: महिला बोली- सेल्फ हेल्प ग्रुप के समानों की नहीं हो रही बिक्री, खट्टर ने कहा- CM आवास में होगा इस्तेमाल
चंडीगढ़, 05 अक्टूबर: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने परिवार पहचान पत्र के सर्वे में मातृशक्ति से महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया है ताकि योजनाओं का लाभ देने के लिए वास्तविक पात्रों की पहचान हो सके. उन्होंने कहा कि मातृशक्ति दैवीशक्ति होती है और जब दैवीशक्ति खड़ी होती है तो कुछ भी असंभव नहीं होता. मुख्यमंत्री ने सोमवार को अपने आवास पर भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा से जुड़ी पदाधिकारियों से सीधा संवाद कर रहे थे.

महिला पदाधिकारियों को प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें समाज को ठीक रास्ते पर चलने का संदेश देना है. किसी का भी हक न मारा जाए, ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए काम करना है. उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र के सत्यापन के आधार पर 581 सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को घर बैठे मिलेगा. इस सर्वे के बाद बहुत से लोग बीपीएल लिस्ट से हटाए जाएंगे. उन्होंने एक महिला कार्यकर्ता के सीएम विंडो की शिकायत सम्बन्धी के सुझाव पर कहा कि सीएम विंडो के लिए नामित किए गए प्रतिष्ठित नागरिक बिना समस्या का समाधान किए शिकायत का निपटारा न करें.
सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा बनाए जा रहे सामान नहीं बिक रहें है, महिला ने की शिकायत
सीधे संवाद के दौरान एक महिला पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों की बिक्री की समस्या उठाई. इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल कहा कि मुख्यमंत्री आवास में सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा बनाया जा रहा सर्फ और साबुन इस्तेमाल होगा. साथ ही उन्होंने कहा कि सेल्फ हेल्प ग्रुप के उत्पादों को सर्टिफिकेशन और अन्य जरूरी परीक्षण के बाद हरहित स्टोर में भी बिक्री के लिए रखा जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 7 अक्टूबर को प्रदेशभर में 71 हरहित स्टोर शुरू हो जाएंगे. इनकी संख्या 5000 तक करने की योजना है. उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी हरहित स्टोर अलॉट किए जाएंगे. इसके लिए अधिक से अधिक महिलाओं का इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कराएं.
30 हजार से अधिक बेटियों की भ्रूण हत्या रोकने में रहे कामयाब
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि 2014 से पूर्व हरियाणा में लिंगानुपात की स्थिति ठीक नहीं थी. मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबसे पहला फोन इसी बात के लिए आया कि हमें भ्रूण हत्या रोकनी है. इसके लिए उन्होंने 22 जनवरी 2015 को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की. इसके बाद हमारी सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से काम करते हुए इस कुकृत्य को रोकने में काफी हद तक सफलता पाई है. 2014 में जो लिंगानुपात 871 था व सरकारी प्रयासों व जनभागीदारी के चलते 923 तक रहा है. उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों के चलते हम 30000 से अधिक बेटियों को बचाने में सफल रहे हैं.












Click it and Unblock the Notifications