झारखंड के कर्मचारियों व शिक्षकों के लिए खुशखबरी, हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला
रांची, 18 अक्टूबर: हेमंत सोरेन सरकार ने त्योहारों को देखते हुए तय किया है कि अक्टूबर माह का वेतन सभी सरकारी कर्मियों को 20 अक्टूबर के बाद से ही मिलने लगेगा। दीपावली और छठ पूजा को लेकर वित्त विभाग की ओर से यह आदेश सभी वि
रांची, 18 अक्टूबर: हेमंत सोरेन सरकार ने त्योहारों को देखते हुए तय किया है कि अक्टूबर माह का वेतन सभी सरकारी कर्मियों को 20 अक्टूबर के बाद से ही मिलने लगेगा। दीपावली और छठ पूजा को लेकर वित्त विभाग की ओर से यह आदेश सभी विभागों को भेज दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि झारखंड सरकार, राज्यपाल सचिवालय, हाई कोर्ट और विधानसभा सचिवालय के सभी कर्मियों को अक्टूबर माह के मासिक वेतन का भुगतान 20 अक्टूबर की तिथि से किया जाने लगेगा। पत्र की प्रतिलिपि प्रधान महालेखाकार को भी दी गई है। इससे पूर्व दुर्गापूजा के मौके पर भी राज्य सरकार ने कर्मियों को समय से पहले वेतन जारी करने का आदेश दिया था।

पारा शिक्षकों के मानदेय में चार प्रतिशत वार्षिक वृद्धि
उधर, पारा शिक्षकों (सहायक अध्यापकों) को नियमावली के प्रविधान के अनुसार मानदेय में चार प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि का लाभ मिलेगा। इसे लेकर शीघ्र ही आदेश जारी होगा। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की राज्य परियोजना निदेशक किरण कुमारी पासी ने सोमवार को यह आश्वासन प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल को दिया। राज्य परियोजना निदेशक ने कहा कि नियमावली लागू होने के बाद मृत पारा शिक्षकों के परिवार को प्रविधान के अनुसार कल्याण कोष का लाभ दिया जाएगा। पारा शिक्षकों को ईपीएफ का लाभ देने को लेकर भी कार्रवाई की जा रही है।
आकलन परीक्षा के लिए होगी संयुक्त बैठक
सीटेट को जेटेट के समतुल्य लाभ पर निदेशक ने सचिव से विचार-विमर्श करने का आश्वासन दिया। अनुकंपा के लाभ देने के प्रविधान को लचीला बनाने पर उन्होंने कहा कि इसपर विभागीय मंत्री ही निर्णय लेंगे। यह भी तय हुआ कि आकलन परीक्षा की तिथि व अंकों के निर्धारण पर जैक व पारा शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी। इस परीक्षा में वैसे पारा शिक्षक भी शामिल हो सकेंगे जिनके डीएलएड के प्रमाणपत्र में पूर्व में एनसी दर्ज किया गया था। बता दें कि एनआइओएस ने अब इसे क्लीयर कर दिया है। प्रतिनिधिमंडल में मोहम्मद सिद्दीक शेख,विकास कुमार चौधरी, सुमन कुमार, जितेंद्र कुमार सिंह आदि शामिल थे।
समान काम के बदले समान वेतन पर जवाब तलब
उधर, झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डा रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ में टेट परीक्षा पास पारा शिक्षकों के समायोजन और समान काम के बदले समान वेतन देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने मामले में राज्य सरकार को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। हालांकि पूर्व में भी अदालत ने सरकार से जवाब मांगा था, लेकिन जवाब दाखिल नहीं किया गया था। अदालत ने 29 नवंबर तक मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता मुकेश कुमार सिन्हा और देवर्षि मंडल में पक्ष रखा।
अदालत को बताया गया कि टेट पास पारा शिक्षक 17 साल से शिक्षक के रूप में काम कर रहे हैं। कई बार सरकार ने इनके समायोजन को लेकर सेवा शर्त नियमावली बनाने की बात कही। हाल में नियमावली बनाई गई जिसमें मानदेय बढ़ाने की बात कही गई। जबकि पारा शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता और सरकारी शिक्षकों के समान काम कर रहे हैं तो उन्हें भी समान वेतन मिलना चाहिए। इसके बाद अदालत ने सरकार को इन बिंदुओं पर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। बात दें कि सुनील कुमार यादव सहित 111 याचिकाएं हाई कोर्ट में दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि पारा शिक्षकों को सहायक शिक्षक के रूप में वेतनमान दिया जाना चाहिए। क्योंकि वे शिक्षक पद की योग्यता पूरी करते हैं। पारा शिक्षक कई सालों से समान काम कर रहे हैं। उन्हें भी समान वेतन मिलना चाहिए।












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