10 हजार की आबादी वाले 600 गांवों पर दुष्यंत-दिग्विजय की निगाह
हरियाणा में भाजपा की सहयोगी जननायक जनता पार्टी ने पूरे प्रदेश में खुले दरबार लगाने का खाका तैयार किया है। पहले चरण में खुले दरबार लगाने के लिए करीब 600 बड़े गांवों को चिन्हित किया गया है। यह गांव वे हैं, जिनकी आबादी 10 हजार अथवा इससे ऊपर है।

दूसरे चरण में पांच हजार तक की आबादी वाले गांवों में खुले दरबार लगेंगे। इन खुले दरबारों में संगठन की तरफ से जजपा के प्रधान महासचिव दिग्विजय सिंह चौटाला और सरकार की ओर से श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री अनूप धानक भागीदारी कर कार्यकर्ताओं तथा आम लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
जजपा अध्यक्ष डा. अजय सिंह चौटाला, उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष निशान सिंह के साथ हुई मंत्रणा के बाद खुले दरबारों की कार्य योजना बनाई गई है। इन खुले दरबारों में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद होगा, पार्टी संगठन को मंजबूत बनाने पर बातचीत होगी तथा साथ ही ऐसे कार्यकर्ताओं को चिन्हित किया जाएगा, जिन्हें संगठन में नए दायित्व सौंपे जा सकते हैं।
संगठन से जुड़े सभी मुद्दों पर दिग्विजय चौटाला बात करेंगे, जबकि सरकार के स्तर पर कराए जाने वाले काम और समस्याओं के समाधान का दायित्व राज्य मंत्री अनूप धानक पर होगा। नीतिगत कार्यों को उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के साथ चर्चा कर पूरा कराया जाएगा।
प्रदेश में कोविड और किसान आंदोलन की वजह से राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर असर पड़ा है, जिन्हें गति देने के लिए जजपा ने अब कमर कसी है। जजपा का एक प्रतिनिधिमंडल जल्दी ही भाजपा के नए प्रभारी बिप्लब कुमार देब से भी मुलाकात करेगा।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश के मुताबिक पार्टी प्रभारी को जजपा-भाजपा की कार्डिनेशन कमेटी के सदस्यों के नाम सौंपे जाएंगे। साथ ही भाजपा के सहयोग से जजपा ऐसे मुद्दों पर आगे बढ़ेगी, जो दोनों दलों की साझा रणनीति से जुड़े हुए हैं। इसका मतलब साफ है कि निर्दलीय विधायक भले ही भाजपा प्रभारी से मिलकर जजपा के साथ गठबंधन तोड़ने की सलाह देते रहें, लेकिन जजपा का इरादा न केवल भाजपा के साथ पूरे पांच साल चलने का है, बल्कि अगले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भी जजपा अपनी सहयोगी भाजपा के साथ मिलकर चलने का इरादा रखती है।












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