Andhra Pradesh: 8 प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं को मिलेगी ऑनलाइन सुविधा, तिरुपति की तर्ज होगी व्यवस्था
विजयवाड़ा, 29 जून। आंध्र प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में अगस्त के अंत तक ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हो जाएंगी। उपमुख्यमंत्री (एंडोमेंट्स) कोट्टू सत्यनारायण ने मंगलवार को वेलागपुडी में कहा कि किसी भी मंदिर में भ्रष्टाचार और अनियमितताएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। सभी तीर्थस्थलों को तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की तर्ज पर व्यवस्था कर लेनी चाहिए।

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री कोट्टू सत्यनारायण ने कहा कि राज्य के राजस्व एवं धर्मार्थ विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी आठ प्रमुख मंदिरों और 6 (ए) श्रेणी के 180 मंदिरों का डाटा डिजिटल कर दिया गया है। इससे श्रद्धालु आसानी से दर्शन टिकटों की खरीद, कमरे की बुकिंग आदि ऑनलाइन कर सकेंगे। वहीं मंदिरों के वित्तीय लेनदेन को व्यवस्थित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है। डिप्टी सीएम ने कहा कि राज्य के राजस्व एवं धर्मार्थ विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी मंदिरों के वित्तीय मामलों के ऑडिट पर विशेष जोर दिया जा रहा है। धर्मस्थलों को वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए ऑडिट पूरा करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया है। श्रेणी 6 (A) में 185 मंदिरों की ऑडिट रिपोर्ट पहले ही प्राप्त हो चुकी है जबकि श्रेणी 6 (B) में 1,461 मंदिरों को नवंबर तक रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया। मंदिरों की सभी ऑडिट रिपोर्ट ऑनलाइन जाएगी।
अब तक जिन मंदिरों को ट्रस्ट बोर्ड मिला है उनमें कोटाबोम्मली न्यू अम्मावरी मंदिर, सैंड हिल राम सत्यनारायण स्वामी मंदिर, विशाखापत्तनम वेलमपेटा दुर्गाला अम्मावरी मंदिर, पोन्नूर भवननारायण स्वामी मंदिर और अरुगोंडा अर्थगिरि वीरंजनेय स्वामी मंदिर हैं। सीएम के निर्देश पर विभाग से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए हर सप्ताह सोमवार और मंगलवार को समीक्षा बैठकें की जाएंगी। उन्होंने कहा कि उन सभी मंदिरों को धन आवंटित किया जाएगा जिन्होंने सीजीएफ की परवाह किए बिना नियमों के अनुसार समान योगदान दिया है। जिन मंदिरों को ट्रस्ट बोर्ड मिले हैं, उनमें कोटाबोम्मली न्यू अम्मावरी, सैंड हिल राम सत्यनारायण स्वामी, विशाखापत्तनम वेलमपेटा दुर्गाला अम्मावरी, पोन्नूर भवननारायण स्वामी और अरुगोंडा अर्थगिरी वीरंजनेय स्वामी हैं।












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