कांवड़ यात्रा को लेकर दिल्ली सरकार ने शुरू की तैयारी, लगाए जाएंगे 175 शिविर, जानिए और क्या हैं इंतजाम
दिल्ली सरकार कांवड़ियों की सुविधा के लिए 175 शिविर स्थापित कराएगी, ताकि आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान उन्हें कोई असुविधा ना हो.
नई दिल्ली, 29 जून: दिल्ली सरकार कांवड़ियों की सुविधा के लिए 175 शिविर स्थापित कराएगी, ताकि आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान उन्हें कोई असुविधा ना हो. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. कोविड-19 महामारी के कारण कांवड़ यात्रा इस साल 14 जुलाई से 26 जुलाई तक दो साल के अंतराल के बाद आयोजित की जाएगी. कांवड़िया (भगवान शिव के भक्त) यात्रा के तहत अपने क्षेत्रों के शिव मंदिरों में चढ़ाने के लिए उत्तराखंड के हरिद्वार से गंगाजल लेकर आते हैं.

अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को यहां दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों की बैठक हुई. यह निर्णय लिया गया कि कांवड़ियों की सुरक्षा और आराम सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सरकार कांवड़ियों के लिए 175 शिविर लगवाएगी. उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने सोमवार को कहा था कि राज्य में आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जाएगी और करीब 10,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे.
यात्रा का आयोजन करने से कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा है
बता दें कि 2020 के बाद इस बार दिल्ली में कांवड़ यात्रा आयोजित की जाएगी. पिछले साल भी दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दिल्ली में कांवड़ यात्रा का आयोजन रद्द कर दिया था. यह फैसला उसने कोविड-19 (Covid-19) के मद्देनजर किया था. दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के इस फैसले की जानकारी समाचार एजेंसी एएनआई ने अपने ट्विटर हैंडल पर दी थी. आपको बता दें कि इससे पहले उत्तराखंड की सरकार ने भी कोरोना संक्रमण के मद्देनजर कांवड़ यात्रा रद्द करने का फैसला किया था. उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस फैसले के साथ कहा था कि कांवड़ यात्रा से ज्यादा जरूरी अपने राज्य के लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाना है. तब जानकारों का मानना था कि कांवड़ यात्रा का आयोजन करने से कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा है












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