Rajasthan: 22 नवंबर को पूर्व पीएम राजीव और इंदिरा गांधी की मूर्ति का करेंगे अनावरण
Rajasthan: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 22 नवंबर को चित्तौड़गढ़ आएंगे। सीएम दौरे को लेकर शनिवार को कलेक्टर अरविंद पोसवाल, एसपी राजन दुष्यंत, राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह जाड़ावत सहित कई अधिकारियों ने सभा स्थल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 21 नवंबर रात को राजकोट, गुजरात से निकलकर उदयपुर पहुंचेंगे।

उदयपुर में ही रात को रुकने के बाद सुबह 10:30 उदयपुर से रवाना होकर 11 बजे चित्तौड़गढ़ पुलिस लाइन पहुंचेंगे। वहां से सड़क मार्ग से होते हुए सबसे पहले गांधी वाटिका का उद्घाटन करते हुए राजीव गांधी पार्क पहुंचेंगे। वहां पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की मूर्ति का अनावरण किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री गहलोत इंदिरा गांधी स्टेडियम में मुख्य सभा स्थल में पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के 9 फीट मूर्ति का अनावरण करेंगे। यहीं पर चित्तौड़ की जनता को संबोधित भी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर 12.45 पाली के लिए रवाना हो जाएंगे।
ग्वालियर से बनवाई गई 9 फीट की मूर्ति
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मूर्ति 9 फीट की बनवाई गई है। यह गनमेटल की 4.5 क्विंटल वजनी मूर्ति है। इसे ग्वालियर के कलाकार मिस्टर राय ने बनाया है। वह भी सीएम के प्रोग्राम में मौजूद रहेंगे। जाड़ावत ने बताया कि चित्तौड़गढ़ को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कई सौगातें दी है, जिन का शिलान्यास, लोकार्पण किया जाएगा। कार्यकर्ताओं में उनके आने को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। इंदिरा गांधी स्टेडियम में ही पंडाल की व्यवस्था की गई है, जहां हर जगह एलईडी लगाई जाएगी। यहां 25 से 30 हजार लोगों की बैठने की व्यवस्था की गई है।
अनगढ़ बावजी के पैनोरमा के लिए देखी गई जमीन
चंबल के पानी को लेकर लोकार्पण को अभी टाला गया है क्योंकि उसका टेंडर ही 24 नवंबर को खोला जाएगा। इसके अलावा बस्सी कृषि कॉलेज, कन्या महाविद्यालय, सावा आईटीआई कॉलेज का भी शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री के साथ शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला, प्रभारी मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, महेंद्र सिंह मालवीय भी आएंगे। उन्होंने कहा कि गाडरी समाज के अनगढ़ बावजी का पैनोरमा बनाने की मांग की जाएगी। इसके लिए पहले से ही गाडरी समाज के लोग और सचिव के साथ जाकर जमीन देख ली गई है। पैनोरमा ऐसी जगह बनाया जाएगा जहां पर पर्यटक आ सके। इसीलिए हमने उसके लिए जमीन मंदिर के पास ही सेलेक्ट की है। उसका एस्टीमेट भी तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा कलेक्टर को पत्र लिखकर सौंप दिया गया। उन्होंने बताया कि कपासन और बड़ीसादड़ी में स्थाई पेयजल हो सकें, इसके लिए भी कोशिश की जाएगी।












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