चाइल्ड केयर संस्थाएं होंगी क्रिएटिव, डांस और आर्ट से होगी बच्चों की पढ़ाई: शिक्षा मंत्री आतिशी
दिल्ली सरकार की महिला और बाल विकास मंत्री आतिशी ने बैठक के बाद फैसला लेते हुए कहा कि चाइल्ड केयर संस्थानों में अब म्यूजिक, डांस और आर्ट के जरिए भी बच्चों की पढ़ाई होगी।

दिल्ली सरकार ने अपने बच्चों की देख-रेख करने वाले संस्थाओं को और बेहतर करने का फैसला लिया गया। बुधवार को महिला और बाल विकास मंत्री आतिशी ने विभाग के अधिकारियों के साथ इस बाबत समीक्षा बैठक की। जिसमें फैसला लेते हुए कहा कि चाइल्ड केयर संस्थानों में अब म्यूजिक, डांस और आर्ट के जरिए भी बच्चों की पढ़ाई होगी। साथ ही बच्चे रचनात्मकता के साथ तनावमुक्त रहना सीखेंगे।
बच्चों को तनावमुक्त बनाना है लक्ष्य
आतिशी ने कहा कि चाइल्ड केयर संस्थानों में वो बच्चे आते है, जो बहुत ही भयावह अतीत से गुजरे होते हैं। ऐसे बच्चों को अपना अतीत भुलाकर उन्हें मुख्यधारा में शामिल करना जरूरी है। उन्हें विशेष देखभाल मिले, इस दिशा में सरकार मजबूत कदम उठाएगी। बच्चों को स्किल और आर्ट आधारित शिक्षा देने का काम किया जायेगा। जिससे वो आत्मनिर्भर बने और तनावमुक्त रहें। कर्मचारियों को भी विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। ताकि वह बच्चों की जरूरतों को बेहतर समझे और उनकी बेहतरी के लिए काम कर सकें। उम्र और जरूरतों के अनुसार, बच्चों को स्किल आधारित शिक्षा दी जाएगी जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगा।
चाइल्ड केयर संस्थानों से बनेगा बच्चों का और बेहतर भविष्य
दिल्ली सरकार 25 चाइल्ड केयर संस्थान चला रही है। इसमें 6 से 18 साल के बच्चों के लिए 16 चिल्ड्रन होम हैं। शून्य से छह साल तक के बच्चों के लिए तीन ऑब्जरवेशन होम, 1 स्पेशल होम, 2 प्लेस ऑफ सेफ्टी और 2 आफ्टर केयर होम शामिल हैं। इस संस्थान में बच्चों को कई तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं। इसमें उन्हें रहना, खाना और दवाइयां जैसी बेसिक सुविधाएं, ड्रग डी-एडिक्शन की सुविधा, जरूरत के अनुसार, औपचारिक और अनौपचारिक शिक्षा, मनोरंजन गतिविधियां, मेंटल हेल्थ सर्विसेज, वोकेशनल ट्रेनिंग और कानूनी सलाह दी जाती है।












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