चाईबासा: सीएम हेमंत सोरेन ने 670 करोड़ की योजनाओं की दी सौगात, 51 योजनाओं का किया उद्घाटन
चाईबासा: सीएम हेमंत सोरेन ने 670 करोड़ की योजनाओं की दी सौगात, 51 योजनाओं का किया उद्घाटन
Jharkhand News: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने चाईबासा के गोइलकेरा में आयोजित 'आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम में आयोजन पूरे राज्य में किया जा रहा है। कार्यक्रम का कैसे संचालन किया जा रहा है, उसे देखने और जानकारी लेने आपके बीच समय-समय पर आ रहा हूं, ताकि जान सकूं कि योजना का लाभ आपको मिल रहा या नहीं। इस क्रम में उन्होंने 6,455 योजनाओं का शिलान्यास एवं 51 योजनाओं का उद्घाटन किया। कुल 670 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया गया।

गोइलकेरा हाट बाजार की सूरत बदलेगी
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि पिछले वर्ष भी हमने सरकार आपके द्वार कार्यक्रम शुरू किया था। उसी तरह इस वर्ष भी दो चरणों में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। पिछले वर्ष के शिविर में जो आवेदन हमें प्राप्त हुए थे, उसका लगभग निदान कर दिया गया है। अबकी बार शिविर में विभिन्न योजनाओं से आपको जोड़ने के लिए योजनाओं को आपके दरवाजे तक भेज रहे हैं, ताकि राज्यवासी इसका लाभ लें। जल्द गोइलकेरा हाट बाजार की सूरत बदलने का कार्य होगा। यहां लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
लोगों के अनुरूप योजनाओं का सृजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बेटियों को बाहर जाने की जरूरत नहीं है। पलायन करने की आवश्यकता नहीं है। आप शिविर में आएं और योजना का लाभ लें। यहां के लोगों के अनुरूप योजनाओं का सृजन किया गया है। खेती बाड़ी से लेकर स्वरोजगार तक की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हमें अपने पैरों पर खड़ा होने की जरूरत है। कोरोना काल की विकट परिस्थितियों को हमलोगों ने पार किया। राज्य की सखी मंडल की बहनों ने जरूरतमंदों के बीच भोजन का वितरण किया। किसी की मौत भूख से नहीं हुई। अब झारखंड सुखाड़ की स्थिति में चला गया। सुखाड़ को देखते हुए योजना बनाकर पदाधिकारियों को आपके द्वार भेजा जा रहा है।
समय पर मिलेगी पेंशन व मनरेगा की मजदूरी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पुराने समय से चली आ रही परंपरा को सहेजने की जरूरत है। हमें आने वाली पीढ़ी को सशक्त करने की जरूरत है। पशुपालन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। क्यों नहीं हम गाय पालें और दूध निकालें, क्यों नहीं मुर्गी पालन कर अंडा और मांस बिक्री करें। पशुधन विकास योजना से जुड़कर यह कार्य किया जा सकता है। स्वरोजगार के दरवाजे भी खुले हैं। रोजगार सृजन योजना के जरिए युवा विभिन्न तरह के व्यवसाय कर सकते हैं। हर पंचायत में योजना का शुभारंभ होगा। समय पर पेंशन और समय पर मनरेगा के श्रमिकों को पारिश्रमिक का भुगतान होगा।












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