तेलंगाना के लिए फंड की मंजूरी में पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहा केंद्र: वेमुला
विधायी मामलों के मंत्री वी प्रशांत रेड्डी ने तेलंगाना को बाढ़ राहत प्रदान करने में पक्षपातपूर्ण दृष्टिकोण को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र गैर-भाजपा सरकारों वाले राज्यों की अनदेखी कर रहा, जो चिंता का विषय है।
विधानसभा में भारी बारिश पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रशांत रेड्डी ने बताया कि 2016 और 2020 में भारी बारिश और बाढ़ के कारण कुल 8,851 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके बावजूद तेलंगाना को बिना सहायता के जूझना पड़ा।

मंत्री ने बताया कि कैसे अन्य राज्यों को औपचारिक अनुरोधों के बिना भी त्वरित सहायता प्राप्त हुई। उन्होंने ऐसे उदाहरणों का हवाला दिया जहां मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की प्रधानमंत्री मोदी से की गई अपील अनुत्तरित (बिना जवाब) रही, जबकि पड़ोसी राज्यों विशेषकर भाजपा शासित राज्यों को तुरंत राहत राशि दी गई।
पिछले साल संसद में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के जवाब का हवाला देते हुए, प्रशांत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना को 2018-19 से 2021-22 तक कोई आपदा राहत निधि नहीं मिली, जबकि अन्य राज्यों को इस अवधि के दौरान लगभग 44,219 करोड़ रुपये मिले।
उन्होंने केंद्र पर तेलंगाना को प्राकृतिक आपदाओं के लिए धनराशि जारी नहीं करने, जबकि भाजपा शासित राज्यों के लिए प्रतिबंधों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल की बारिश के दौरान बड़े नुकसान को टाल दिया और 27,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। तेलंगाना में अभूतपूर्व बारिश हुई और मुलुगु में एक स्थान पर 65 सेमी वर्षा दर्ज की गई। इस वर्ष 17 जुलाई तक राज्य में 66 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गयी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सड़कों, इमारतों, बिजली आपूर्ति प्रणाली, चेकडैम, बांधों और अन्य की मरम्मत और बहाली युद्ध स्तर पर पूरी की जा रही है।ॉ












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