जजपा से गठजोड़ तोड़ने की निर्दलीय विधायकों की सलाह पर गरमाई राजनीति
चंडीगढ़। हरियाणा में भाजपा व जजपा के बीच राजनीतिक गठबंधन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश के निर्दलीय विधायकों द्वारा भाजपा को जजपा के साथ गठबंधन तोड़ देने की सलाह के बाद जजपा भी इन निर्दलीय विधायकों पर हमलावर हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने गठबंधन धर्म की मर्यादा निभाते हुए जहां इसे अटूट बताया है, वहीं जननायक जनता पार्टी के प्रधान महासचिव दिग्विजय चौटाला ने दो टूक कह दिया कि जो निर्दलीय विधायक गठबंधन तोड़ने की पैरवी कर रहे हैं, 2024 के विधानसभा चुनाव में उन सभी की जमानत जब्त होने वाली है।

दिग्विजय चौटाला यहीं नहीं रुके। उन्होंने इन निर्दलीय विधायकों की पोल भी खोली। दिग्विजय ने कहा कि अधिकतर निर्दलीय विधायक जब भी उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पास आते हैं, तभी सरकार में अपने काम नहीं हो पाने का रोना रोते हैं। साथ ही कहते हैं कि उनके काम अगर कोई कर सकता है तो सिर्फ दुष्यंत चौटाला ही कर सकते हैं।
दिग्विजय ने कहा कि दुष्यंत चौटाला इन निर्दलीय विधायकों के काम कर अपने घर-दफ्तर से संतुष्ट कर भेजते हैं। बाहर निकलते ही ये लोग गठबंधन तोड़ने की पैरवी करने लग जाते हैं। ऐसे निर्दलीय विधायकों का कोई ईमान-धर्म नहीं है और जनता उनसे 2024 के विधानसभा चुनाव में जवाब मांगने वाली है।
बता दें कि हरियाणा भाजपा के प्रभारी बिप्लब कुमार देब के चंडीगढ़ दौरे के दौरान निर्दलीय विधायकों ने उनसे मुलाकात की थी। प्रदेश के तमाम राजनीतिक मसलों पर बातचीत करते हुए निर्दलीय विधायकों की तरफ से सुझाव दिया गया था कि वह भाजपा के साथ हैं और सभी निर्दलीय विधायक भाजपा की रीत-नीति वाले हैं, इसलिए जजपा के साथ गठबंधन तोड़ देना चाहिए।
इसके तुरंत बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ का बयान आया कि हमारा गठबंधन मजबूत है। हालांकि उनका यह बयान राजनीतिक हो सकता है, जबकि प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने कहा कि हम लोग गठबंधन की मर्यादा निभाना जानते हैं, लेकिन यह भी सही है कि जो दल भाजपा से अलग हुआ, वह कहीं का नहीं रहा।












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