आंध्र प्रदेश सरकार ने ग्राम सचिवालयों में भूमि रजिस्ट्रेशन की तैयारी शुरू की, अधिकारियों को दिए ये निर्देश
विजयवाड़ा, अक्टूबर 15। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अधिकारियों को 'वाईएसआर जगन्नाथ शाश्वत भू-हक्कू-भू-रक्षा' सर्वेक्षण को निर्धारित समय के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के संग एक मीटिंग में ये निर्देश दिया। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि ग्राम सचिवालयों में भूमि पंजीकरण और म्यूटेशन शुरू किया जाए। साथ ही सीएम ने उन्हें सभी भूमि लेनदेन के दौरान रिकॉर्ड अपडेट करने के निर्देश दिए, जिसमें खरीदार और विक्रेता दोनों का विवरण सूचीबद्ध किया गया था। तभी पंजीकरण प्रक्रिया को पूर्ण कहा जा सकता है।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने उन्हें एक उपयुक्त नीति विकसित करने के लिए भूमि अभिलेखों और कानूनी मामलों में विशेषज्ञता रखने वाले व्यक्तियों सहित एक विशेष टीम बनाने का सुझाव दिया। उनकी सिफारिशों के आधार पर, ग्राम सचिवालयों में पंजीकरण और नामांतरण प्रक्रिया के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जानी चाहिए ताकि इस उद्देश्य के लिए विभिन्न कार्यालयों में घूमने वाले लोगों से बचा जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भूमि सर्वेक्षण पूरा करने के लिए ड्रोन और आवश्यक सॉफ्टवेयर सहित आवश्यक उपकरण और संसाधन मुहैया कराने के निर्देश भी दिए और उन्हें अनुभवी लोगों और संगठनों की मदद से सर्वेक्षण डेटा को सुरक्षित करने के उपाय करने के लिए कहा। उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वर्ष में एक बार एक सप्ताह तक चलने वाले अपडेशन कार्यक्रम को चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सुधार किसानों और जमींदारों के लिए फायदेमंद होने चाहिए, जिससे भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न रहे।
वहीं इस मीटिंग के बाद अधिकारियों ने कहा दिसंबर 2022 तक पायलट प्रोजेक्ट के तहत 650 गांवों में ये सर्वेक्षण पूरा किया जाएगा। अभी 51 गांवों के अंदर इसे पूरा किया जा चुका है।












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