आंध्र प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, ट्रांसप्लांट के मामले में दो स्तरीय सत्यापन अनिवार्य
आंध्र प्रदेश में किडनी प्रत्यारोपण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने के लिए जाली पारिवारिक सहमति प्रमाण पत्र जमा किए जा रहे थे। राजस्व अधिकारियों ने इन बढ़ते मामलों को देखते हुए अंग दान के लिए दो स्तरीय सत्यापन प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है।
प्रोटोकॉल के अनुसार अगर कोई अपने परिवार के सदस्य को अंग दान करना चाहता है, तो उसे राजस्व अधिकारियों से एनओसी प्राप्त करनी होगी। हालांकि, अब पहले पुलिस सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद एक एनओसी दी जाएगी ताकि अस्पताल प्रबंधन चिकित्सा प्रक्रिया शुरू कर सके।

मामले में राजस्व अधिकारियों ने कहा कि अगर कोई राजस्व अधिकारियों के पास अंग दान के लिए एनओसी के लिए आवेदन करता है, तो अनुरोध पास के पुलिस स्टेशन को भेज दिया जाएगा। एक उप-निरीक्षक रैंक का अधिकारी याचिकाकर्ता के दाता और अंग प्राप्तकर्ता के बीच संबंधों का सत्यापन करेगा।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि जांच अधिकारी दाता और रिसीवर के बीच संबंधों की पुष्टि करने के लिए पड़ोसियों और अन्य स्रोतों से विवरण एकत्र करेगा ताकि अनियमितताओं की कोई गुंजाइश ना रहे।
हाल ही में विजयवाड़ा में भवानीपुरम पुलिस स्टेशन की सीमा में एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ, जो सिंगल मदर्स या फिर जरूरतमंदों को अपने जाल में फंसा रहा था। वो उनसे एनओसी भी ले रहा था। वेस्ट जोन पुलिस ने 2 अगस्त को दो व्यक्तियों से किडनी खरीदने और उन्हें 'रिसीवर' को बेचने का प्रयास करने के आरोप में दो महिलाओं सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया था।












Click it and Unblock the Notifications