आदमपुर उपचुनाव: बालसमंद पहुंचे डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, जनसभा को किया संबोधित
आदमपुर उपचुनाव: बालसमंद पहुंचे डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, जनसभा को किया संबोधित
हरियाणा में हिसार में आदमपुर उपचुनाव को लेकर बालसमंद में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने जनसभा को संबोधित किया। दुष्यंत चौटाला ने अपने भाषण में जहां भव्य को जिताने की अपील की और वहीं सरकार की उपलब्धियां भी गिनाई। इतना ही नहीं दुष्यंत के संबोधन से पहले शहरी निकाय मंत्री कमल गुप्ता और कुलदीप के समक्ष जजपा कार्यकर्ताओं ने आया-आया सीएम आया के नारे लगाए।

साथ ही युवा मुख्यमंत्री जिंदाबाद के नारे लगाए। इतना ही नहीं दुष्यंत चौटाला ने अपने भाषण में हिसार और आदमपुर के पुराने चुनावों में चौधरी भजन लाल परिवार की जीत और हार का भी जिक्र किया। कांग्रेस और भूपेंद्र हुड्डा पर कटाक्ष किया, परंतु कांग्रेस उम्मीदवार जेपी पर किसी प्रकार कोई कटाक्ष नहीं किया।
उन्होंने कहा कि भिवानी में चौधरी बंसी लाल के बेटे सुरेंद्र सिंह के खिलाफ पिता अजय चौटाला ने भी चुनाव लड़ा, लेकिन आदमपुर हलका उस भिवानी लोकसभा क्षेत्र में था। फिर भी आदमपुर हलके से पिता जीते। कुलदीप बिश्नोई के खिलाफ मैं भी 2014 के लोकसभा चुनाव में हिसार से लड़ा और जीता, लेकिन कभी राजनीतिक मतभेद की गहराइयां नहीं बढ़ी।
रणजीत के बाद अब दुष्यंत ने मांगे वोट
प्रदेश की राजनीति इतिहास में यह पहला मौका है जब आदमपुर उप चुनाव में चौधरी भजन लाल की तीसरी और चौधरी देवीलाल की चौथी पीढ़ी एक साथ मंच पर हो। रणजीत सिंह के बाद दुष्यंत चौटाला ने भव्य के लिए मंच से वोट मांगे।
आदमपुर मेरा ननिहाल: दुष्यंत
डिप्टी सीएम ने कहा कि चुनाव में 72 से 78 घंटे शेष है। जीत का मार्जन जितना बढ़ेगा, उतना ही गठबंधन मजबूत होगा। आदमपुर मेरा ननिहाल है। मेरा प्यार आदमपुर से पुराना है। 1972 में चौधरी देवीलाल ने आदमपुर से चौधरी भजन लाल के खिलाफ चुनाव लड़ा, मगर उस दौर में हमारी भजनलाल के परिवार के साथ परिवारिक दूरियां नहीं रही। मगर आप सबके प्यार में कमी नहीं रही।
गठबंधन को ताकत दें
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि 2019 में बृजेंद्र सिंह हिसार से चुनाव लड़े। मैंने जजपा से चुनाव लड़ा और भव्य बिश्नोई ने कांग्रेस से। बृजेंद्र सिंह जीते और मैं दूसरे और भव्य तीसरे स्थान पर रहा। इसके बाद उचाना ने मुझे विधानसभा में भेजा। समय बदला और मैं डिप्टी सीएम बन गया। अब भव्य को मौका मिल रहा है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गठबंधन को ताकत दें और 57 से 58 बनाने का काम करें। 3 नवंबर को कमल के फूल का बटन दबाओ। वहीं इससे पहले कुलदीप ने कहा कि इस स्टेज से बालसमंद में चार बार भाषण दे चुका हूं। लंबा चौड़ा भाषण नहीं देगा। महान नेता दुष्यंत चौटाला को सुनने आए। दिल की गहराइयों से आभार व्यक्त करता हूं।
व्यक्तिगत रूप से दुष्यंत से प्रभावित: कुलदीप
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से दुष्यंत से प्रभावित रहा हूं। लोकसभा चुनाव हमने एक दूसरे के खिलाफ लड़ा, परंतु मैनें इनकी मेहनत देखी और इनकी मेहनत का कायल रहा। दुष्यंत चौटाला ने इतनी कम उम्र में बुलंदियां हासिल की। स्वर्गीय चौधरी भजन लाल और चौधरी देवीलाल चुनाव लड़े। परंतु फिर भी दोनों परिवारों ने अपने पारिवारिक रिश्ते निभाए। आज मंच पर चौधरी देवीलाल की चौथी पीढ़ी और भजन लाल की तीसरी पीढी बैठी है। दुष्यंत जुबान के धनी हैं।
भव्य बिश्नोई ने कहा कि दुष्यंत चौटाला ने अपनी मेहनत के बल पर ये साबित कर दिया कि राजनीति में युवा नेतृत्व का महत्वपूर्ण स्थान है। पूरे देश में एक मिसाल कायम की। 1 और 1 11 होते हैं समाज को आगे बढ़ाने में कोई ताकत नहीं रोक सकती। बेशक राजनीतिक विरोधी रहे। चौधरी देवीलाल का एक दूसरे के प्रति सम्मान रहा।
भजन लाल ने आदमपुर से देवीलाल को हराया था
वर्ष 1972 में आदमपुर विधानसभा सीट पर चौधरी भजन लाल कांग्रेस के उम्मीदवार थे। उनके सामने चौधरी देवीलाल निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे। चौधरी देवीलाल 10,961 वोट से हारे थे। वर्ष 2008 के उप चुनाव में रणजीत सिंह चौटाला चुनावी मैदान में थे, जिसमें रणजीत सिंह 20 हजार वोट से हार का सामना करना पड़ा।दुष्यंत चौटाला 2014 के लोकसभा चुनाव में कुलदीप बिश्नोई को हरा चुके हैं। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भव्य बिश्नोई और दुष्यंत चौटाला को भाजपा उम्मीदवार बृजेंद्र सिंह ने हराया था।












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