Parashuram Jayanti 2022: भगवान परशुराम ने काटा था अपनी मां का सिर फिर भी कहलाए आज्ञाकारी, क्यों?

नई दिल्ली, 03 मई। 'अक्षय तृतीया' के दिन ही भगवान परशुराम का जन्म हुआ था इसलिए आज के दिन को लोग परशुराम जयंती के रूप में जानते हैं। आपको बता दें कि भगवान परशुराम के पिता का नाम ऋषि जमदग्नि और मां का नाम रेणुका का था। भगवान परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं और कहा जाता है कि इन्हें अमरतत्व का वरदान मिला हुआ है। भगवान परशुराम बहुत बड़े शिवभक्त हैं, इनके बारे में महाभारत और रामायण में भी जिक्र हुआ है।

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    परशुराम ने काटा था अपनी मां का सिर फिर भी कहलाए आज्ञाकारी

    लोग श्रवण कुमार को आज्ञाकारी पुत्र के रूप में जानते हैं लेकिन आपको पता है कि एक बार उन्होंने अपने पिता के कहने पर ही अपनी मां का ही सिर काट दिया था। दरअसल परशुराम अपने माता-पिता की चौथी संतान थे , एक बार उनकी मां रेणुका नदी पर नहाने गईं थीं, वहां पर राजा चित्ररथ को देखकर वो कुछ देर के लिए आकर्षित हो गईं और ये भूल गईं कि ऋषि उनका आश्रम में इंतजार कर रहे हैं, जब वो देर से आश्रम में पहुंची तो वो पूरी तरह से भीगी हुई थीं और ऋषि जमदग्नि के उन्होंने देरी का कारण झूठ बताया।

    ऋषि जमदग्नि ने कहा-पुत्रों अपनी मां का सिर काट दो

    लेकिन ऋषि जमदग्नि के पास कुछ शक्तियां थीं, जिनके जरिए वो रेणुका की झूठी बातों को जान गए और इस वजह से उनको अपनी पत्नी रेणुका पर क्रोध आ गया और उन्होंने गुस्से में आकर अपने पुत्रों को रेणुका का सिर काटने का आदेश दे दिया लेकिन किसी भी पुत्र में इतनी हिम्मत नहीं थी, वो अपने पिता के इस आदेश का पालन करे।

    परशुराम ने काटा अपनी मां का सिर

    लेकिन जब बारी परशुराम की आई तो उन्होंने आंख बंदकर अपने पिता के आदेश का पालन किया और अपनी मां का सिर तुरंत काट डाला, ये देखकर ऋषि जमदग्नि बहुत ज्यादा प्रसन्न हुए और उन्होंने अपने बेटे को आशीष देते हुए कहा कि मांगो जो मांगना है। इस पर परशुराम ने हाथ जोड़कर अपने पिता से कहा कि आप मेरी मां को फिर से जिंदा कर दीजिए। तब ऋषि जमदग्नि ने तथास्तु कहकर अपनी पत्नी और परशुराम की मां को वापस से जिंदा कर दिया और परशुराम को वीरता और बुद्धिजीवी होने का आशीर्वाद दिया, तब से ही परशुराम की वीरता और बुद्धिमानी की बातें पूरे संसार में होने लग गईं।

    न्याय के भगवान हैं परशुराम

    आज बहुत सारे घरों में भगवान परशुराम की पूजा होती है। पूजा के लिए पूरा दिन शुभ है लेकिन अगर आप विशेष कृपा की आशा रखते हैं तो परशुराम जी की पूजा आज शाम 7 बजे से पहले कर लें। परशुराम जी को न्याय का भगवान कहते हैं।

    परशुराम जी के मंत्र

    • ॐ ब्रह्मक्षत्राय विद्महे क्षत्रियान्ताय धीमहि तन्नो राम: प्रचोदयात्।।
    • ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि तन्नो परशुराम: प्रचोदयात्।।

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