Navratri Day 6: नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी को करना है प्रसन्न तो लगाएं ये भोग, जानें पूजा विधि, मुहूर्त
Shardiya Navratri 2023 Day 6 Maa Katyayani Puja: शारदीय नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है। आज मां कात्यायनी की विधिवत पूजा करने से विवाह में आने वाली अड़चनें दूर होती हैं। वहीं गुरु ग्रह की स्थिति भी मजबूत होती है। मां कात्यायनी की पूजा करने पर सेहत संबंधी परेशानियां भी दूर होती हैं।
मां दुर्गा के मां कात्यायनी स्वरूप को सफलता और यश का प्रतीक माना जाता है। माता कात्यायनी दो भुजाओं में कमल और तलवार धारण करती हैं। माता कात्यायनी एक भुजा वर मुद्रा और दूसरी भुजा अभव मुद्रा में रहती हैं। आइए जानें मां कात्यायनी की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, क्या भोग लगाएं, पुष्प, मंत्र व आरती, सबकुछ।

मां कात्यायनी के पूजन का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 04:44 am से 05.34 am तक
प्रातः मुहूर्त 05:09 am से 09:25. am तक
अभिजित मुहूर्त 11:43. am से 12:28 pm तक
गोधूलि मुहूर्त- 05:47 pm से 05:12 pm तक
मां कात्यायनी को क्या भोग लगाएं?
मां कात्यायनी को शहद और पीले रंग का भोग बहुत ज्यादा प्रिय है। मां कात्यायनी को शहद का भोग लगाना चाहिए। वहीं भक्त चाहे तो माता को शहद से तैयार हलवे का भोग लगा सकते हैं।
मां कात्यायनी का प्रिय पुष्प
मां कात्यायनी को गुलाब का फूल बहुत पसंद है। इसलिए पूजा में लाल गुलाब का फूल जरूर रखें।
मां कात्यायनी का प्रिय रंग
मां कात्यायनी को लाल रंग अतिप्रिय है। मां कात्यायनी के पूजा में आप लाल रंग का चढ़ावा और वस्त्र अर्पित करना चाहिए।
मां कात्यायनी का मंत्र
-या देवी सर्वभूतेषु मां कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
-ॐ देवी कात्यायन्यै नमः ॥ चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी ॥
नव दुर्गा के 9 नाम जानिए?
नवरात्रि के नौ दिन अलग-अलग देवी दुर्गा के रूपों की पूजा होती है।
1. शैलपुत्री
2. ब्रह्मचारिणी
3. चन्द्रघण्टा
4.कूष्माण्डा
5 स्कंदमाता
6. कात्यायनी
7. कालरात्रि
8. महागौरी
9. सिद्धिदात्री












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