Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Shanaishchari Amavasya 2025: कालसर्प दोष से पीड़ित हैं तो आज जरूर करें ये उपाय

Shanaishchari Amavasya 2025: आज भाद्रपद मास की अमावस्या इस बार विशेष योग-संयोगों में आई है। आज शनिवार होने के कारण ये अमावस्या शनैश्चरी अमावस्या हो गई है, वहीं इस दिन नाग और शिव योग भी है जो अमावस्या के दिन आने से अनेक प्रकार के दोषों को दूर करने वाला है। इस शनैश्चरी अमावस्या पर पितृदोष, कालसर्प दोष, नाग दोष, ग्रहण दोष आदि की शांति पूजा की जाती है।

आज सुबह 11 बजकर 36 मिनट तक अमावस्या रहेगी, इसके बाद शुक्लपक्ष की प्रतिपदा प्रारंभ होगी लेकिन चूंकि अमावस्या मान सूर्योदय के डेढ़ घंटे बाद से अधिक समय तक है।

Shanaishchari Amavasya 2025

इसलिए इस दिन अमावस्या का ही पुण्यकाल रहेगा। इस दिन नाग योग प्रात: 11:36 तक उसके बाद शिव योग लग जाएगा। इस अमावस्या को कुशोत्पाटिनी अमावस्या भी कहा जाता है और पिठोरी अमावस्या भी कहा जाता है।

क्यों खास है Shanaishchari Amavasya 2025?

यह शनैश्चरी अमावस्या विशेष है क्योंकि इस दिन नाग और शिव योग बन रहे हैं। इस योग में जन्म कुंडली के कालसर्प दोष को दूर करने के लिए तीर्थ स्थान में विशेषकर त्रयंबकेश्वर, नासिक, उज्जैन, बद्रीनाथ में ब्रह्मकपाली क्षेत्र में दोष निवारण पूजा करवाना चाहिए।

नागबलि, नारायणबलि पूजा भी करवाई जाती है

इस अमावस्या के दिन नागबलि, नारायणबलि पूजा भी करवाई जाती है। जिन लोगों के पितृ नाराज रहते हैं, उनकी प्रसन्नता और शांति के लिए यह पूजन कर्म करवाना चाहिए।

पितृदोष होने पर परिवार सुखी नहीं रहता

इस शनैश्चरी अमावस्या के दिन पितृदोष शांति पूजा होती है। जिस व्यक्ति की जन्म कुंडली में पितृदोष लगा हुआ होता है वह परिवार सुखी नहीं रहता। आर्थिक तंगी, परिवार के युवाओं का विवाह नहीं हो पाना, किसी न किसी को रोग लगा रहना जैसी परेशानियां चलती ही रहती हैं। इन सब दोषोें का कारण पितृ दोष होता है। यह दोष परिवार के मुखिया को होता है जिससे पूरा परिवार प्रभावित होता है। इस शनैश्चरी अमावस्या के दिन पंडित, पुरोहितों के माध्यम से पितरों के निमित्त श्राद्ध कर्म, तर्पण, पिंडदान आदि करवाना चाहिए। ब्राह्मणों को भोजन करवाकर उचित दान-दक्षिणा देना चाहिए।

शनि की शांति करवाने के उपाय भी करने चाहिए (Shanaishchari Amavasya 2025)

  • शनैश्चरी अमावस्या के दिन शनि की शांति करवाने के उपाय भी करने चाहिए।
  • जिन लोगों को शनि की साढ़ेसाती चल रही है वे इस दिन सवा मीटर काला कपड़ा लेकर उसमें सवा सौ ग्राम काले तिल, सवा सौ ग्राम काले उड़द, सवा सौ ग्राम गुड़ और एक नारियल बांधकर अपने सिर पर से सात बार उसारकर शनि मंदिर में चढ़ाएं।
  • शनैश्चरी अमावस्या के दिन काले कौवे को पके हुए चावल, काले कुत्ते को घी लगी रोटी, काली गाय को गुड़ रखकर रोटी, काले घोड़े को सरसों के तेल में भिगोए हुए काले चने खिलाएं।
More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+